तमिलनाडु मतगणना 2026: 62 केंद्रों पर 18,000 पुलिसकर्मी तैनात, सुबह 8 बजे से शुरू होगी गिनती

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तमिलनाडु मतगणना 2026: 62 केंद्रों पर 18,000 पुलिसकर्मी तैनात, सुबह 8 बजे से शुरू होगी गिनती

सारांश

तमिलनाडु के 234 विधानसभा क्षेत्रों का फैसला 4 मई को होगा — और इस बार मुकाबला सिर्फ DMK बनाम AIADMK नहीं है। अभिनेता विजय की TVK ने समीकरण बदल दिए हैं। 62 मतगणना केंद्रों पर 18,000 पुलिसकर्मी और पूरे राज्य में एक लाख जवान — यह जनादेश तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

Key Takeaways

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव मतगणना 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों से शुरू होगी, EVM गिनती 8:30 बजे से। 62 मतगणना केंद्रों पर 18,000 पुलिसकर्मी तैनात; पूरे राज्य में एक लाख जवान ड्यूटी पर। चेन्नई में 3 मतगणना केंद्र और 20,000 से अधिक पुलिसकर्मी ; 40 से अधिक कंपनियाँ अर्धसैनिक बलों की भी तैनात। मतगणना के लिए 3,324 टेबल , 10,545 अधिकारी और 4,624 माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त। पहली बार QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र से प्रवेश नियंत्रण; तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू। चार-कोणीय मुकाबले में DMK , AIADMK-NDA , NTK और विजय की TVK शामिल।

तमिलनाडु में 4 मई 2026 को होने वाली विधानसभा चुनाव मतगणना से पहले राज्य के 62 मतगणना केंद्रों पर 18,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 23 अप्रैल को सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में संपन्न हुए मतदान के नतीजे सोमवार को घोषित होंगे, जो तय करेंगे कि तमिलनाडु की अगली सरकार किसके हाथ में होगी।

मतगणना की प्रक्रिया और समय-सारिणी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, मतगणना सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती से शुरू होगी, जिसके बाद 8:30 बजे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोट गिने जाएंगे। इस प्रक्रिया के लिए EVM वोटों हेतु 234 हॉल और डाक मतपत्रों के लिए 240 हॉल तैयार किए गए हैं। कुल 3,324 मतगणना टेबल का उपयोग होगा और 10,545 अधिकारी इस कार्य में लगे रहेंगे, जिनकी सहायता के लिए 4,624 माइक्रो-ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, यानी कुल 234 पर्यवेक्षक पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। डाक मतपत्रों की गिनती के लिए 1,135 सहायक रिटर्निंग अधिकारी तैनात हैं, जहाँ हर 500 वोट पर एक मतगणना टेबल निर्धारित की गई है।

व्यापक सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस महानिदेशक संदीप राय राठौर के निर्देश पर राज्यभर में लगभग एक लाख पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। मतगणना केंद्रों पर तैनात 18,000 पुलिसकर्मियों के अतिरिक्त 40 से अधिक कंपनियाँ सशस्त्र अर्धसैनिक बलों की भी लगाई गई हैं। आईजी, डीआईजी, कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

केवल चेन्नई में ही क्वीन मैरी कॉलेज, अन्ना यूनिवर्सिटी (गिंडी) और लोयोला कॉलेज में तीन मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ करीब 3,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा महानगर क्षेत्र में 20,000 से अधिक पुलिसकर्मी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुस्तैद रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था राजनीतिक दलों के कार्यालयों जैसे संवेदनशील स्थानों तक भी विस्तारित की गई है।

तकनीकी सुरक्षा उपाय

सभी 62 मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पहली बार QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली अपनाई गई है, जिससे केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही सत्यापन के बाद प्रवेश मिल सकेगा। परिणामों की घोषणा प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के ज़रिए की जाएगी और यह ECI नेट ऐप व आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी।

चुनावी मुकाबला और राजनीतिक समीकरण

इस चुनाव में चार-कोणीय मुकाबला देखने को मिला है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA), नाम तमिलर काची (NTK) और अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (TVK) इस मुकाबले के प्रमुख खिलाड़ी हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK की एंट्री ने वोटों के बंटवारे के कारण चुनावी समीकरणों को काफी बदल दिया है, जिससे अनुमान लगाना और जटिल हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब DMK सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही है और AIADMK-BJP गठबंधन पुनरुत्थान की कोशिश में है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में दशकों से DMK और AIADMK के बीच ही सत्ता का आदान-प्रदान होता रहा है — TVK जैसी नई शक्ति इस परंपरागत ध्रुवीकरण को चुनौती दे रही है।

जैसे ही मतगणना शुरू होगी, पूरा राज्य एक निर्णायक जनादेश का इंतज़ार करेगा जो तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य को नई दिशा देगा।

Point of View

और अगर विजय का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। एक लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती यह भी दर्शाती है कि प्रशासन किसी भी परिणाम-जनित अस्थिरता के प्रति सतर्क है। असली सवाल यह है कि क्या किसी एक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलेगा या त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में TVK किंगमेकर की भूमिका निभाएगी।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना कब और कहाँ होगी?
मतगणना 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। राज्य के 62 मतगणना केंद्रों पर EVM और डाक मतपत्रों की गिनती होगी, जिसके परिणाम ECI नेट ऐप और आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे।
तमिलनाडु मतगणना में कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं?
मतगणना केंद्रों पर 18,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं और पूरे राज्य में लगभग एक लाख जवान ड्यूटी पर रहेंगे। इसके अतिरिक्त 40 से अधिक कंपनियाँ सशस्त्र अर्धसैनिक बलों की भी लगाई गई हैं।
तमिलनाडु चुनाव 2026 में मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
इस चुनाव में चार-कोणीय मुकाबला है — DMK नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, AIADMK नेतृत्व वाला NDA, NTK और अभिनेता विजय की TVK । राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार TVK की एंट्री ने वोट बंटवारे से समीकरण जटिल कर दिए हैं।
तमिलनाडु मतगणना में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
234 मतगणना पर्यवेक्षक , 4,624 माइक्रो-ऑब्जर्वर और 1,135 सहायक रिटर्निंग अधिकारी तैनात हैं। पहली बार QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र से प्रवेश नियंत्रित होगा और सभी केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
तमिलनाडु में TVK का चुनावी असर क्या हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (TVK) ने वोटों के बंटवारे से पारंपरिक DMK-AIADMK समीकरण को बदल दिया है। यदि TVK को उल्लेखनीय सीटें मिलती हैं, तो वह किंगमेकर या मज़बूत विपक्ष की भूमिका में आ सकती है।
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