प्रतापगढ़ SHO हत्याकांड: CBI कोर्ट ने जीशान खान को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई
सारांश
लखनऊ स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने 2 मई 2026 को प्रतापगढ़ कोतवाली (उत्तर प्रदेश) के SHO इंस्पेक्टर अनिल कुमार की गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी जीशान खान को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर ₹9,000 का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 19 नवंबर 2015 का है, जब इंस्पेक्टर अनिल कुमार प्रतापगढ़ के होटल वैष्णवी के मॉडल शॉप में मृत पाए गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
19 नवंबर 2015 को इंस्पेक्टर अनिल कुमार होटल वैष्णवी के मॉडल शॉप में मृत अवस्था में मिले थे। शुरुआत में कोतवाली सिटी पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के 2018 के निर्देश पर जांच CBI को सौंप दी गई, जिसने 29 जून 2018 को औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में ली।
आरोप-पत्र और न्यायिक प्रक्रिया
CBI ने जांच पूरी होने के बाद दो आरोपियों — जीशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी — के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया। अदालत ने 22 फरवरी 2021 को मामले का संज्ञान लिया और 14 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों पर आरोप तय किए गए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जीशान खान ने 4 अप्रैल 2026 को लिखित आवेदन प्रस्तुत कर आरोपों को स्वीकार कर लिया।
अलग केस और फैसला
10 अप्रैल 2026 को जीशान के मामले को मुख्य कार्यवाही से अलग कर एक स्वतंत्र केस दर्ज किया गया। CBI के विशेष न्यायाधीश ने 2 मई 2026 को फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि