बिहार में दलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का ऐतिहासिक निर्णय, मसूर की खरीद को मिली स्वीकृति
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में दलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद होगी।
- किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।
- यह योजना किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।
- मसूर की खरीद 60 दिनों तक चलेगी।
- किसानों को जल्दी भुगतान किया जाएगा।
पटना, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में अब किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन की भी खरीदी की जाएगी। बिहार सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने रबी २०२६ मौसम में बिहार से ३२ हजार मीट्रिक टन मसूर की खरीद के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत स्वीकृति दी है।
बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि यह बिहार के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। पहले केवल धान और गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी होती थी, लेकिन अब दलहन फसल की भी खरीद होगी। यह बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मसूर की खरीद की जाएगी और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।
मंत्री रामकृपाल यादव ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी धन्यवाद दिया, जिनके सहयोग से बिहार के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा और दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार किसानों को समय पर लाभ दिलाने के लिए खरीद केंद्रों की स्थापना, पंजीकरण, भंडारण और भुगतान की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। मसूर की खरीद राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तिथि से शुरू होगी, जिसकी अवधि ६० दिनों तक होगी। किसानों को भुगतान तीन दिनों के भीतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से बिहार के मसूर उत्पादक किसानों को उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।