बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि को 31 मार्च तक बढ़ाया गया

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बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि को 31 मार्च तक बढ़ाया गया

सारांश

बिहार सरकार ने किसानों के हित में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। मंत्री लेशी सिंह का कहना है कि यह निर्णय किसानों को अधिक लाभ देने के लिए लिया गया है।

मुख्य बातें

धान अधिप्राप्ति तिथि 31 मार्च तक बढ़ाई गई।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपने धान बेचने का अवसर।
केंद्र सरकार का सहयोग इस फैसले में महत्वपूर्ण रहा।
किसानों को 6400 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
ऑनलाइन पंजीकरण आवश्यक है।

पटना, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार ने किसानों की मांगों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा, "इस विस्तार से ज्यादा से ज्यादा किसानों को अपने धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का मौका मिलेगा। राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर योग्य किसान इसका लाभ उठाए।"

ज्ञात रहे कि 16 फरवरी को लेशी सिंह ने केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मिलकर खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत अधिप्राप्ति तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था।

लेशी सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए धान अधिप्राप्ति की तिथि को 28 फरवरी से 31 मार्च तक बढ़ा दिया है।

मंत्री सिंह ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और अधिकारियों को अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है, जो लक्ष्य का 79.30 प्रतिशत है।

राज्य सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत अब तक 6400 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान की अधिप्राप्ति पैक्‍स और व्यापार मंडलों के माध्यम से पिछले साल 1 नवंबर से शुरू की गई थी।

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है, जिसमें रैयत के लिए 250 क्विंटल और गैर-रैयत के लिए 100 क्विंटल की सीमा निर्धारित की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हुआ है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धान अधिप्राप्ति की नई तिथि क्या है?
धान अधिप्राप्ति की नई तिथि 31 मार्च है।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य कैसे मिलेगा?
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।
इस साल धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य क्या है?
इस साल धान की अधिप्राप्ति का लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन है।
राज्य सरकार ने किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया?
राज्य सरकार ने किसानों को 6400 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
धान की अधिप्राप्ति कब से शुरू हुई थी?
धान की अधिप्राप्ति पिछले साल 1 नवंबर से शुरू हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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