कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से 69 की मौत, रिसारल्डा-परेरा में भारी तबाही, मृतक संख्या बढ़ने की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार, 10 अगस्त की सुबह 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने कम से कम 69 लोगों की जान ले ली। चोको डिपार्टमेंट के सैन जोस डेल पाल्मार में केंद्रित इस भूकंप ने परेरा, कैली, मैनिजेल्स और क्विब्डो जैसे प्रमुख शहरों को हिलाकर रख दिया। अधिकारियों के अनुसार मलबे में अभी भी लोग दबे हो सकते हैं, इसलिए मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र बोगोटा से लगभग 280 किलोमीटर पश्चिम में 107 किलोमीटर की गहराई पर था। झटका स्थानीय समय के अनुसार सुबह 7:34 बजे आया। अमेरिकी सुनामी वॉर्निंग सिस्टम ने भूकंप की तीव्रता 7.1 बताई, जबकि USGS ने इसे 7.4 दर्ज किया — विभिन्न एजेंसियों के बीच मापन में अंतर सामान्य है।
भूकंप के झटके इक्वाडोर, पनामा और वेनेजुएला की सीमा तक महसूस किए गए। राजधानी बोगोटा में भी कई इमारतों से लोगों को बाहर निकालना पड़ा।
क्षेत्रवार नुकसान का ब्यौरा
स्थानीय अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, रिसारल्डा क्षेत्र में 40 लोगों की मौत हुई। गवर्नर जुआन डिएगो पैटिनो ने कैराकोल टेलीविजन को बताया कि रिसारल्डा के पश्चिमी प्रांत में मृतक संख्या 42 तक पहुँच गई है। वैले डेल काउका डिपार्टमेंट में 27 और मैनिजेल्स शहर में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
परेरा शहर के मेयर मौरिसियो सालाजार ने बताया कि वहाँ 18 लोग मारे गए और कुछ लोग इमारतों के मलबे में फंसे हुए हैं। उन्होंने स्थिति को 'गंभीर' बताया।
भयावह मंजर: प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
कैली में 64 वर्षीय टैक्सी चालक जॉर्ज मोनकायो ने बताया कि जब इमारतें गिरीं, तो उन्होंने शहर की पहाड़ियों से उठता धूल का गुबार देखा। उन्होंने कहा, 'मेरा पूरा घर हिल गया। मैंने इतना तेज भूकंप कभी नहीं देखा।' शहर में बचावकर्मी और आम नागरिक मिलकर मलबे में जिंदा बचे लोगों को ढूंढ रहे थे।
गौरतलब है कि कोलंबिया का यह पश्चिमी क्षेत्र 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' के निकट स्थित है और भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है।
राजधानी बोगोटा की स्थिति
बोगोटा के मेयर कार्लोस गैलन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राजधानी में किसी के घायल होने या ढाँचागत क्षति की कोई बड़ी सूचना नहीं है, केवल कुछ इमारतों में दरारें आई हैं। देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी लोगों ने तेज झटके महसूस किए।
आगे क्या
अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रहे हैं और जैसे-जैसे रिपोर्टें आ रही हैं, प्रभावित इलाकों की सूची बढ़ती जा रही है। राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका के चलते मृतक संख्या में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है।