कोलंबिया भूकंप में मृतकों की संख्या बढ़कर 265, 496 लापता; EU ने 20 लाख यूरो की सहायता का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी कोलंबिया में 10 अगस्त को आए 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 265 हो गई है, जबकि 496 लोग अभी भी लापता हैं। कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने यह जानकारी दी और बताया कि राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
तबाही का पूरा मंज़र
राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला के अनुसार, भूकंप में 3,494 लोग घायल हुए हैं। आपदा की व्यापकता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि 11,347 घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि 53,526 घरों को आंशिक नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा 140 इमारतें पूरी तरह गिर चुकी हैं और 179 स्वास्थ्य केंद्रों तथा चिकित्सा संस्थानों को संरचनात्मक क्षति पहुँची है।
भूकंप का केंद्र और प्रभावित क्षेत्र
यह भूकंप 10 अगस्त को चोको विभाग के सैन जोस देल पाल्मार शहर के निकट आया था। चोको कोलंबिया का एक दूरदराज़ और पहाड़ी क्षेत्र है, जिससे बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुँचने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान अभी भी जारी है और मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय सहायता और एकजुटता
दुनिया भर के नेताओं ने कोलंबिया के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कोलंबिया में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी हैं, और ऐसे समय में यूरोपीय संघ हर संभव तरीके से देश की मदद कर रहा है। सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सहायता के लिए 20 लाख यूरो की मदद उपलब्ध कराई जा रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि कोलंबिया द्वारा सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म सक्रिय किए जाने के बाद यूरोपीय संघ स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार सहायता पहुँचाने के लिए समन्वय कर रहा है।
राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए विशेष बचाव दल तैनात किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कोलंबिया पहले से ही आंतरिक विस्थापन और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियों से जूझ रहा है, जिससे राहत अभियान और भी जटिल हो गया है। 13 अगस्त 2026 तक मृतकों, घायलों और लापता लोगों के आँकड़े बढ़ने की आशंका बनी हुई है क्योंकि दूरदराज़ के इलाकों से अभी पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है।