27 सितंबर 2026
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जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद बोले: बंगाल-बिहार में चुनाव आयोग ने दिया निर्भीक मतदान का मौका

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जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद बोले: बंगाल-बिहार में चुनाव आयोग ने दिया निर्भीक मतदान का मौका

सारांश

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने एक ही बयान में ममता बनर्जी, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और पाकिस्तान — सभी को घेरा। पटना से आया यह बयान बताता है कि NDA का आत्मविश्वास चुनावी नतीजों के बाद किस ऊँचाई पर है।

मुख्य बातें

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने 27 सितंबर 2026 को पटना में कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने बंगाल में निर्भीक मतदान का माहौल दिया, जिससे ममता बनर्जी की सत्ता की राह बंद हुई।
बिहार में तेजस्वी यादव की पार्टी केवल 25 विधायकों तक सिमटी; राहुल गांधी तीसरी बार भी पार्टी को शतक नहीं दिला सके।
डीजीपी विनय कुमार के वीआरएस और पटना फायरिंग को उन्होंने दो अलग मामले बताया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसआईआर को संवैधानिक और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्य प्रक्रिया बताया।
पाकिस्तान पर हर संभव अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की वकालत की।

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने 27 सितंबर 2026 को पटना में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी — जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की विपक्षी माँग, पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावी नतीजे, संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर भारत का रुख और 'इंडिया' गठबंधन की प्रासंगिकता शामिल हैं। उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा कि निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया ने ही मतदाताओं को उनकी असली ताकत दिखाने का अवसर दिया।

बंगाल चुनाव और ममता बनर्जी पर प्रहार

सीईसी के इस्तीफे की विपक्षी माँग पर राजीव रंजन प्रसाद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'जो जनता के बीच काम नहीं करते, जनता ने उन्हें हैसियत दिखाने का काम कर दिया है।' ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आरजी कर और संदेशखाली की घटनाओं ने पश्चिम बंगाल में उनकी सरकार की स्थिति को गंभीर बना दिया था।

उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने बिना भय के मतदान का माहौल सुनिश्चित किया, तो मतदाताओं ने ममता बनर्जी के सत्ता में बने रहने की संभावनाओं पर विराम लगा दिया। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में हिंसा और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगातार चर्चा में रहे हैं।

बिहार चुनाव परिणाम और तेजस्वी-राहुल पर तंज

बिहार के चुनावी परिणामों का जिक्र करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और निर्भीक मतदान कराया, जिसके बाद तेजस्वी यादव की पार्टी महज 25 विधायकों की पार्टी बनकर रह गई।

उन्होंने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला और कहा, 'राहुल गांधी तीसरी कोशिश के बाद भी अपनी पार्टी का शतक नहीं लगा पाए। नेताओं की उदासीनता की वजह से कांग्रेस अपनी प्रासंगिकता खो रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि जो राजनेता विरासत में 'सोने का चम्मच' लेकर आते हैं, उन्हें लगता है कि सत्ता उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।

पटना फायरिंग और डीजीपी के वीआरएस पर सफाई

पटना में हुई फायरिंग की घटना और डीजीपी विनय कुमार के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के सवाल पर राजीव रंजन प्रसाद ने दोनों मामलों को अलग-अलग बताया। उन्होंने कहा, 'विनय कुमार का यह पूरी तरह से व्यक्तिगत निर्णय है और उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि फायरिंग मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और 'एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर)' यह दर्शाती है कि पुलिस ने अधिकतर मामलों में कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, 'इस मामले में भी कोई अपराधी नहीं बचेगा।'

एसआईआर प्रक्रिया और ओवैसी के सवाल पर जवाब

असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों के जवाब में राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है और पहले भी इसका पालन होता रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सर्वोच्च न्यायालय इस प्रक्रिया पर अपनी मुहर लगा चुका है।

यूएन में आतंकवाद पर भारत का रुख

संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की आवाज उठाने के सवाल पर जदयू नेता ने पाकिस्तान को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक अभिशाप है और हिंदुस्तान ने बार-बार इसके जख्म झेले हैं।' उन्होंने कहा कि हाफिज सईद जैसे आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर हर संभव प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए ताकि आतंकवाद के समर्थक राष्ट्र के रूप में उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जा सके।

गौरतलब है कि यूएन महासभा के मौजूदा सत्र में भारत ने सीमापार आतंकवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। राजीव रंजन प्रसाद के बयान इसी व्यापक राजनीतिक और कूटनीतिक संदर्भ में आए हैं और आने वाले दिनों में 'इंडिया' गठबंधन की रणनीति पर इनका असर देखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्ताधारी गठबंधन के राष्ट्रवादी एजेंडे को घरेलू राजनीति से जोड़ने का परिचित पैटर्न है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव रंजन प्रसाद ने सीईसी के इस्तीफे की माँग पर क्या कहा?
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने विपक्ष की सीईसी इस्तीफे की माँग को खारिज करते हुए कहा कि जो नेता जनता के बीच काम नहीं करते, जनता ने उन्हें उनकी हैसियत दिखा दी है। उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव किया और कहा कि निर्भीक मतदान का माहौल ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
बिहार चुनाव परिणामों पर जदयू का क्या रुख है?
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग के निष्पक्ष प्रबंधन की वजह से बिहार में तेजस्वी यादव की पार्टी केवल 25 विधायकों तक सिमट गई। उन्होंने राहुल गांधी पर भी तंज कसा कि तीसरी कोशिश में भी कांग्रेस शतक नहीं छू सकी।
पटना फायरिंग और डीजीपी विनय कुमार के वीआरएस को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया गया?
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि डीजीपी विनय कुमार का वीआरएस पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत निर्णय है और इसे पटना फायरिंग मामले से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि फायरिंग में संलिप्त कोई भी अपराधी नहीं बचेगा और एटीआर बताती है कि पुलिस ने कठोर कार्रवाई की है।
एसआईआर प्रक्रिया पर ओवैसी के सवालों का जदयू ने क्या जवाब दिया?
राजीव रंजन प्रसाद ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय भी मान्यता दे चुका है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पहले भी होती रही है और इस पर सवाल उठाना निराधार है।
यूएन में आतंकवाद पर भारत के रुख को लेकर राजीव रंजन प्रसाद ने क्या कहा?
जदयू नेता ने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए अभिशाप है और भारत ने इसके जख्म बार-बार झेले हैं। उन्होंने माँग की कि हाफिज सईद जैसे आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर हर संभव अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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