26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर के पीछे बंगाल पर कब्जे की साजिश: ममता बनर्जी का मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर के पीछे बंगाल पर कब्जे की साजिश: ममता बनर्जी का मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला

सारांश

ममता बनर्जी ने एसआईआर को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग की। श्रीरामपुर की रैली में उन्होंने सीपीआई(एम) से लेकर इंडी गठबंधन तक — पार्टी लाइन से ऊपर उठकर — एकजुट लड़ाई का आह्वान किया। 30 सितंबर की दिल्ली बैठक इस आंदोलन का अगला पड़ाव है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 26 सितंबर 2026 को श्रीरामपुर की रैली में एसआईआर को BJP की बंगाल-कब्जे की साजिश बताया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'वैनिश कुमार' कहा; उनके हटने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा।
आयोग की आईटी प्रमुख सीमा खन्ना की भूमिका भी संदिग्ध बताई।
सीपीआई(एम) नेता एम.ए.
बेबी से बातचीत का जिक्र; पार्टी लाइन से ऊपर उठकर साझा लड़ाई का संकल्प।
30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक में यह मुद्दा केंद्र में रहेगा।
रैली से पहले रात श्रीरामपुर में TMC समर्थकों की कथित गिरफ्तारियों का भी आरोप।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 26 सितंबर 2026 को हुगली जिले के श्रीरामपुर में आयोजित एक जनसभा में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (ECI) द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का एकमात्र मकसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बंगाल की सत्ता में स्थापित करना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आयोग की आईटी प्रमुख सीमा खन्ना की भूमिका को सीधे तौर पर संदिग्ध बताया।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'वैनिश कुमार' कहकर संबोधित किया — एसआईआर के क्रियान्वयन को लेकर चुनाव आयोग के शीर्ष स्तर पर उभरे कथित मतभेदों की खबरों के बीच यह तंज एक राजनीतिक बयान बन गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक कुमार पद से हटते नहीं या उन्हें हटाया नहीं जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बनर्जी ने कहा, 'जैसे हमने 'वैनिश कुमार' की चालों को पकड़ा है, वैसे ही हम ऐसी गड़बड़ियों के पीछे छिपे दूसरों को भी पकड़ेंगे। 'वैनिश कुमार' को जाना होगा। जब तक वह नहीं जाते, हमारा एकजुट आंदोलन जारी रहेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों में व्यापक असंतोष उबल रहा है।

विपक्षी एकता और इंडी गठबंधन

ममता ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग पर एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने सीपीआई(एम) नेता एम.ए. बेबी के साथ हुई टेलीफोन पर बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मुद्दा साझा हो तो पार्टी लाइन नहीं देखेंगी।

30 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली इंडी गठबंधन की बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा देश एक साथ आ रहा है। बनर्जी ने कहा, 'हम एकजुट होकर लड़ेंगे। यह देखने की जरूरत नहीं कि कौन लाल है, नीला है या पीला। हम सब लोकतंत्र बहाल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे।'

पुलिस की भूमिका पर सवाल

अपनी रैली के दौरान ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की कथित कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली से एक रात पहले पुलिस ने श्रीरामपुर में तृणमूल समर्थकों को उनके घरों से ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार किया, ताकि सभा में भीड़ न जुट सके। गौरतलब है कि ममता ने यह भी स्पष्ट किया, 'पुलिस मेरी दुश्मन नहीं है। उनका काम लोगों की सुरक्षा करना है।' — यानी वह इसे संस्थागत विफलता के रूप में प्रस्तुत कर रही हैं, न कि व्यक्तिगत दुश्मनी के रूप में।

एसआईआर विवाद की पृष्ठभूमि

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की गहन जाँच होती है। आलोचकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में इसका समय और तरीका संदिग्ध है, जबकि चुनाव आयोग इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताता है। यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया हो — वह पहले भी बंगाल चुनावों के संदर्भ में इसी तरह के आरोप लगा चुकी हैं।

आगे क्या होगा

30 सितंबर 2026 की इंडी गठबंधन बैठक इस आंदोलन का अगला निर्णायक पड़ाव होगी, जहाँ मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की माँग पर साझा रणनीति तय होने की संभावना है। ममता बनर्जी के इस तेवर से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बंगाल की सियासत और केंद्र-राज्य संबंध दोनों गर्म रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके समय और क्रियान्वयन पर उठे सवाल वैध हैं जिनका जवाब आयोग को पारदर्शिता से देना चाहिए। TMC का सीपीआई(एम) जैसे पुराने वैचारिक विरोधियों तक पहुँचना दर्शाता है कि विपक्ष इस मुद्दे को 2026 के चुनावी चक्र से पहले एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देना चाहता है। असली परीक्षा 30 सितंबर की दिल्ली बैठक होगी — क्या इंडी गठबंधन इस एक माँग पर एकजुट रह पाता है, या दल-दल की राजनीति फिर बाधा बनती है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूचियों की गहन जाँच और सत्यापन होता है। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों, विशेषकर TMC, का आरोप है कि इसका समय और तरीका राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका मकसद BJP के पक्ष में मतदाता सूचियों को प्रभावित करना है।
ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को 'वैनिश कुमार' क्यों कहा?
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एसआईआर विवाद के दौरान पद से 'गायब' रहने और जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। चुनाव आयोग के शीर्ष स्तर पर कथित मतभेदों की खबरों के बीच उन्होंने यह तंज कसा और उनके पद से हटने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
30 सितंबर की इंडी गठबंधन बैठक में क्या होने की उम्मीद है?
30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाली इंडी गठबंधन की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की साझा माँग पर रणनीति तय होने की संभावना है। ममता बनर्जी ने इसे पूरे देश की एकजुट लड़ाई बताया है।
क्या ममता बनर्जी पहले भी चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगा चुकी हैं?
हाँ, ममता बनर्जी पहले भी बंगाल विधानसभा और लोकसभा चुनावों के संदर्भ में चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाती रही हैं। एसआईआर विवाद उनके इन्हीं आरोपों की अगली कड़ी है।
श्रीरामपुर रैली में पुलिस गिरफ्तारियों का क्या मामला है?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि रैली से एक रात पहले पुलिस ने श्रीरामपुर में TMC समर्थकों को उनके घरों से ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार किया, ताकि सभा में भीड़ न आ सके। यह आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 20 घंटे पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले