ज्ञानेश कुमार पूरी तरह बेनकाब: शत्रुघ्न सिन्हा का चुनाव आयोग पर तीखा हमला, ममता के नेतृत्व की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने 25 सितंबर 2026 को आसनसोल में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की 'कलई खुल चुकी है' और वे पूरी तरह घिर चुके हैं। सिन्हा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में देशभर में एक 'क्रांतिकारी माहौल' बन रहा है।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
सिन्हा ने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग 'एक-दूसरे के पर्याय' बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों से BJP को सीधा लाभ मिला है और 2024 के बाद हुए चुनाव तथा उनके बाद लिए गए फैसले 'गैर-कानूनी' रहे हैं। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह उनका अकेला नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और ममता बनर्जी का संयुक्त मत है।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को समर्थन
TMC सांसद ने राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को पूरी तरह और तथ्यपूर्ण तरीके से सामने रखा। उन्होंने राहुल गांधी की उस माँग का भी समर्थन किया जिसमें ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनकी गिरफ्तारी और पूरे मामले की गहन जाँच की बात कही गई है। सिन्हा ने कहा कि विवाद में जिन-जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उन सभी के खिलाफ पारदर्शी जाँच होनी चाहिए।
फॉर्म-6 और युवा मतदाताओं का मुद्दा
सिन्हा ने नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को वोट दर्ज कराने के लिए अपने माता-पिता, दादा-दादी और पूर्वजों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे तथा यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने कब और कहाँ मतदान किया था। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से युवा वर्ग में व्यापक नाराज़गी है। जेन-Z की समझ और क्षमता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि ये युवा मुद्दों को अत्यंत प्रभावी ढंग से उठा रहे हैं।
सीजेपी के युवा कार्यकर्ताओं की तारीफ
सिन्हा ने सीजेपी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और उनकी टीम का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये युवा इतने प्रखर और तैयार हैं कि अनुभवी नौकरशाहों को भी प्रस्तुति और तर्क के मामले में पीछे छोड़ देते हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा कि IAS और IPS अधिकारियों को भी ऐसे युवाओं से सीखना चाहिए।
चिराग पासवान की राजनीतिक परिपक्वता को सराहा
लोक जनशक्ति पार्टी (Ram Vilas) के नेता चिराग पासवान की राजनीतिक शैली की तारीफ करते हुए सिन्हा ने कहा कि वे एक समझदार और परिपक्व नेता हैं। उनके अनुसार, चिराग अपने बयानों में शब्दों का सोच-समझकर इस्तेमाल करते हैं, सकारात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हैं। यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि BJP और TMC विरोधी खेमे में हैं, जबकि चिराग NDA के घटक हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच यह तनाव ऐसे समय में उभरा है जब कई विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। सिन्हा के इस बयान के बाद आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और तेज़ होने की संभावना है।