23 सितंबर 2026
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ममता बनर्जी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की, बोलीं- 'पद से तुरंत हटाया जाए'

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ममता बनर्जी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की, बोलीं- 'पद से तुरंत हटाया जाए'

सारांश

ममता बनर्जी का CEC ज्ञानेश कुमार पर फेसबुक लाइव हमला महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं — यह पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों की वैधता को सीधे चुनौती है। EVM हेरफेर से लेकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी तक के गंभीर आरोपों के साथ, TMC ने अब संवैधानिक संस्थाओं पर मोर्चा खोल दिया है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने 23 सितंबर 2026 को फेसबुक लाइव के ज़रिये CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और गिरफ्तारी की मांग की।
आरोप लगाया कि SIR अभियान के तहत असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाकर चुनाव कराए गए।
ममता ने दावा किया कि पिछले चार महीनों में पश्चिम बंगाल में करीब 65 लोगों की हत्या हुई है — यह आंकड़ा TMC का अपना दावा है।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी विदेश में इलाज के बाद अदालत की अनुमति लेकर कोलकाता लौटे और उन्होंने भी CEC की गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
ममता ने बताया कि CEC के खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश हुई, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने उसे पेश नहीं होने दिया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 23 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के ज़रिये असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाकर कई राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए गए। ये सभी आरोप ममता बनर्जी के अपने दावे हैं और उनके खिलाफ चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

फेसबुक लाइव पर बोला तीखा हमला

बुधवार दोपहर ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव के माध्यम से CEC ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों के बीच कथित मतभेदों का हवाला देते हुए दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के 'काले कारनामों' का पर्दाफाश हो चुका है। उनका यह बयान उस समय आया जब पश्चिम बंगाल में हाल के विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

ममता के मुख्य आरोप

ममता बनर्जी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में हेरफेर, मतदाता सूची में गड़बड़ी और प्रशासनिक हस्तक्षेप के ज़रिये CEC ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कई राज्यों में जीत दिलाने में मदद की। इनमें इस वर्ष पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, 'अब मेरी मांग है कि पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर फिर से मतदान कराया जाए। ज्ञानेश कुमार बेनकाब हो चुके हैं।' ममता ने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को केंद्र की सत्ता में वापसी कराने में मदद की और उसके बाद कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को फायदा पहुंचाया।

महाभियोग और कार्रवाई की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त 2024 में भाजपा को दोबारा सत्ता में लाने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने चुनाव दर चुनाव पुलिस और केंद्रीय बलों का दुरुपयोग किया। जब तक वह इस पद पर रहेंगे, उनके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।' ममता ने बताया कि उनके खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश भी हुई, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने उसे पेश नहीं होने दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'उन्हें सिर्फ पद से हटाया ही नहीं जाना चाहिए, बल्कि गिरफ्तार भी किया जाना चाहिए।' गौरतलब है कि ये सभी आरोप राजनीतिक हैं और अभी तक इन पर कोई न्यायिक या आधिकारिक जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा सरकार और पुलिस पर भी निशाना

पश्चिम बंगाल की मौजूदा BJP सरकार पर भी ममता बनर्जी ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि 'पिछले चार महीनों में करीब 65 लोगों की हत्या हुई है।' उन्होंने राज्य पुलिस पर भाजपा की विस्तारित शाखा की तरह काम करने का आरोप लगाया और पुलिस को आगाह किया कि 'भाजपा हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी।' यह संख्या और दावे TMC की ओर से किए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

अभिषेक बनर्जी की वापसी और प्रतिक्रिया

इसी बीच, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी बुधवार दोपहर विदेश में इलाज कराकर अदालत की अनुमति के बाद दिल्ली होते हुए कोलकाता लौटे। उन्होंने भी CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग अपनी जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभा रहे और एक विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने का अवसर दिया गया है। अभिषेक ने भी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग दोहराते हुए कहा कि 'सिर्फ इस्तीफा नहीं, बल्कि उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब TMC और BJP के बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात टकराव तेज़ हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसका पेश न हो पाना संसदीय प्रक्रिया की सीमाओं को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या ये आरोप जांच योग्य साक्ष्यों पर आधारित हैं या यह चुनाव में हार की भावनात्मक प्रतिक्रिया — क्योंकि बिना सत्यापन के इस तरह की माँगें संवैधानिक ढांचे को कमज़ोर करने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार ने EVM में हेरफेर, मतदाता सूची में गड़बड़ी और SIR अभियान के ज़रिये असली मतदाताओं के नाम हटाकर BJP को कई राज्यों में जीत दिलाई। ये आरोप उन्होंने 23 सितंबर 2026 को फेसबुक लाइव के माध्यम से लगाए।
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग क्यों की जा रही है?
TMC की ओर से आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने 2024 के लोकसभा चुनाव से लेकर हाल के विधानसभा चुनावों तक BJP को पक्षपातपूर्ण लाभ पहुँचाया। ममता बनर्जी का कहना है कि वह इस पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
SIR अभियान क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चुनाव आयोग की मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि इस अभियान का इस्तेमाल असली मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया गया, जो एक गंभीर आरोप है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
अभिषेक बनर्जी की कोलकाता वापसी का इस विवाद से क्या संबंध है?
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी विदेश में इलाज के बाद अदालत की अनुमति लेकर 23 सितंबर को कोलकाता लौटे। कोलकाता एयरपोर्ट पर उन्होंने भी CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग दोहराई और कहा कि सिर्फ इस्तीफा नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का क्या हुआ?
ममता बनर्जी के अनुसार, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश हुई, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने उसे सदन में पेश नहीं होने दिया। यह दावा ममता का अपना है और इस पर संसद या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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