महाराष्ट्र एफडीए ने दीपावली से पहले 43 खाद्य लाइसेंस निलंबित किए, ₹63 लाख की सामग्री जब्त
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 6 और 7 नवंबर को चलाए गए दीपावली-पूर्व विशेष प्रवर्तन अभियान में राज्यभर के 73 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 43 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित किए और ₹63.09 लाख मूल्य की 17,824 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में चले इस अभियान का उद्देश्य त्योहारी मौसम में उपभोक्ताओं को मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाना था।
अभियान का दायरा और निरीक्षण
यह कार्रवाई राज्य के सात डिवीजन — ग्रेटर मुंबई, कोंकण, नासिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती — में एक साथ चलाई गई। अभियान के दायरे में मिठाई की दुकानें, खोया-पनीर विक्रेता, फरसान और दीपावली स्नैक्स के कारोबारी, सूखे मेवे और खाद्य तेल विक्रेता, होटल, क्लब, कैंटीन, किराने की दुकानें, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और कैटरिंग प्रतिष्ठान शामिल थे।
एफडीए के अनुसार, 29 प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री जब्त की गई। जो खराब होने वाली सामग्री जनस्वास्थ्य के लिए तत्काल खतरा मानी गई, उसे गवाहों की उपस्थिति में मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
डिवीजनवार कार्रवाई का ब्यौरा
सर्वाधिक 18 लाइसेंस नागपुर में निलंबित किए गए, जो राज्य में किसी एक डिवीजन में सबसे अधिक हैं। नासिक में 9 लाइसेंस सस्पेंड हुए, जबकि ग्रेटर मुंबई में 5 लाइसेंस निलंबित किए गए।
पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और अमरावती में प्रत्येक स्थान पर 3-3 लाइसेंस सस्पेंड हुए, जबकि कोंकण में 2 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अलावा, हाईवे पर खाद्य सामग्री ले जा रहे दो वाहनों से 3,935 किलोग्राम खोया और मिठाइयाँ जब्त की गईं।
उल्लंघन की प्रकृति
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। इनमें अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण और भंडारण, खिड़कियों पर जाली का अभाव, कीट नियंत्रण की कमी और खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के रिकॉर्ड न रखना प्रमुख थे।
बयान के अनुसार, कई प्रतिष्ठान पानी की जाँच रिपोर्ट, खाना बनाने या परोसने वाले कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और खरीद के बिल भी प्रस्तुत नहीं कर सके। गौरतलब है कि ये दस्तावेज़ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत अनिवार्य हैं।
प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
कार्रवाई का सामना करने वालों में ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है, जो वर्धा में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'ब्लिंकिट' संचालित करती है। एफडीए ने मुंबई के प्रतिष्ठित 'ओरिएंट क्लब' का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, नासिक, पुणे और नागपुर में अनेक मिठाई की दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।
एक अलग कार्रवाई में विभाग ने मुंबई के बोरीवली और भांडुप में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत दर्ज 5 मामलों में कुल ₹70,000 का जुर्माना वसूला। निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला जाँच के लिए खाद्य पदार्थों के 10 नमूने भी लिए गए, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की शिकायतें आम तौर पर बढ़ जाती हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है। एफडीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को दें।