महाराष्ट्र एफडीए का त्योहारी सीजन में बड़ा अभियान: ₹12.10 लाख का गुटखा जब्त, 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 17 सितंबर 2026 को त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया, जिसमें नागपुर में ₹12.10 लाख मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा जब्त किया गया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मुंबई सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में 27 खाद्य प्रतिष्ठानों की जाँच के बाद 14 होटल, रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
नागपुर मंडल में एफडीए की कार्रवाई सबसे बड़ी रही, जहाँ प्रतिबंधित गुटखे का ₹12.10 लाख का जखीरा पकड़ा गया। इस दौरान दो वाहन भी जब्त किए गए और तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
इसके अतिरिक्त, दूध और डेयरी उत्पादों का 2,813 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7.38 लाख से अधिक बताई गई है। एफडीए ने डेयरी उत्पादों, सुपारी, विभिन्न नमकीन और ताड़ी सहित अन्य खाद्य पदार्थों की भी जाँच की, जिसमें ₹4.66 लाख मूल्य की 2,580.7 किलोग्राम खाद्य सामग्री और 12.5 लीटर ताड़ी जब्त की गई।
मुंबई में निलंबित प्रतिष्ठान
मुंबई में एफडीए ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन के आरोप में सात प्रतिष्ठानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की। 'सेफ फूड सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत एक उपभोक्ता शिकायत के आधार पर 16 सितंबर 2026 को कोलाबा स्थित ओलंपिया कॉफी हाउस का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
चेंबूर स्थित ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर उसका लाइसेंस निलंबित कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। घाटकोपर पश्चिम स्थित विश्वास स्वीट्स एंड स्नैक्स और ए-1 जनरल एंड ड्राई फ्रूट्स के लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए।
मुंबई सेंट्रल स्थित नायर अस्पताल कैंटीन में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियाँ उजागर हुईं — मरीजों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कैंटीन का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। वर्ली स्थित मिलन पंजाब रेस्तरां और मलाड पूर्व स्थित सद्गुरु स्वीट्स के लाइसेंस भी अस्वच्छ परिस्थितियों तथा नियम उल्लंघन के चलते निलंबित किए गए।
सरकार की प्रतिक्रिया
एफडीए के अनुसार, राज्यभर में जाँचे गए 27 प्रतिष्ठानों में से 14 के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए, जबकि शेष 13 प्रतिष्ठानों को सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए। एफडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनज़र बाज़ारों में खाद्य पदार्थों की खपत तेज़ी से बढ़ती है। अस्पताल परिसर में स्थित कैंटीन पर कार्रवाई विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि वहाँ बीमार मरीजों की सेहत सीधे तौर पर दाँव पर होती है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गुटखा बिक्री पर पाबंदी के बावजूद इसकी अवैध आपूर्ति लंबे समय से समस्या बनी हुई है।
क्या होगा आगे
एफडीए अधिकारियों ने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान यह जाँच अभियान पूरे राज्य में जारी रहेगा। जिन 13 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए हैं, उनके निर्धारित समयसीमा में अनुपालन न करने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से 'सेफ फूड सेफ महाराष्ट्र' पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराने की अपील भी की है।