गुजरात FDCA की बड़ी कार्रवाई: 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द, 42,988 किलो संदिग्ध खाद्य जब्त
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने अगस्त 2026 में राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए और गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर दो दवा निर्माण इकाइयों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही राज्यभर से 42,988 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹93.47 लाख बताई गई है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
गांधीनगर स्थित राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस पूरे अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को नकली, घटिया और अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं तथा खाद्य पदार्थों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने दूध, घी, तेल और मसालों जैसी रोज़मर्रा की वस्तुओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत औचक निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई जारी रखने का भी आदेश दिया।
दवा क्षेत्र में कार्रवाई का विवरण
एफडीसीए के अनुसार, जोखिम-आधारित निरीक्षण अभियान के दौरान आठ दवा निर्माण कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए और 11 दवाओं के निर्माण लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए। प्रयोगशाला जाँच में घटिया गुणवत्ता की पाई गई 20 दवाओं के निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राज्य के 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों के निरीक्षण में तीन को बंद करने और 12 को नोटिस देने का निर्णय लिया गया।
नशीली और नकली दवाओं पर विशेष अभियान
एफडीसीए ने अपने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ मिलकर अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा में अवैध नशीली एवं नकली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। वडोदरा जिले के वाघोडिया में एक मेडिकल स्टोर के समीप स्थित दुकान से ट्रामाडोल समेत नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा, नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' टैबलेट मामले में 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जाँच में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक फैली सप्लाई चेन का भंडाफोड़ हुआ। इस कार्रवाई में करीब ₹1.75 लाख की संदिग्ध दवाएँ जब्त की गईं और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
खाद्य सुरक्षा अभियान और होटल-रेस्तरां निरीक्षण
अगस्त में एफडीसीए ने 2,238 खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया और 2,591 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे। राज्यभर में 1,625 से अधिक होटल, रेस्तरां और ढाबों की जाँच की गई। कमियाँ पाए जाने पर 306 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए, जबकि गंभीर उल्लंघनों के चलते 38 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर उपभोक्ता चिंताएँ बढ़ रही हैं और नियामक संस्थाओं पर सख्ती का दबाव है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि एफडीसीए का यह अभियान एकल माह की कार्रवाई नहीं, बल्कि एक निरंतर जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली का हिस्सा है। स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया ने स्पष्ट किया है कि आगामी महीनों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि लखनऊ से अहमदाबाद तक उजागर हुई नकली दवाओं की सप्लाई चेन यह दर्शाती है कि यह समस्या राज्य की सीमाओं से परे अंतर-राज्यीय समन्वय की माँग करती है।