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गुजरात FDCA की बड़ी कार्रवाई: 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द, 42,988 किलो संदिग्ध खाद्य जब्त

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गुजरात FDCA की बड़ी कार्रवाई: 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द, 42,988 किलो संदिग्ध खाद्य जब्त

सारांश

गुजरात के एफडीसीए ने अगस्त में एकमुश्त 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए, 2 निर्माण इकाइयाँ बंद कराईं और ₹93.47 लाख के संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए। नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' मामले में लखनऊ से अहमदाबाद तक की सप्लाई चेन उजागर हुई — यह कार्रवाई राज्य से परे अंतर-राज्यीय नेटवर्क की गहराई को उजागर करती है।

मुख्य बातें

गुजरात एफडीसीए ने अगस्त 2026 में 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द किए और 2 निर्माण इकाइयाँ बंद कराईं।
राज्यभर से 42,988 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त, अनुमानित कीमत ₹93.47 लाख ।
8 दवा निर्माण कंपनियों के लाइसेंस निलंबित; 20 दवाओं के निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस।
नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' मामले में 30+ स्थानों पर छापे; लखनऊ से अहमदाबाद-साणंद तक सप्लाई चेन उजागर।
1,625+ होटल, रेस्तरां, ढाबों की जाँच; 38 प्रतिष्ठानों पर कड़ी कार्रवाई।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति और औचक निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए।

गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने अगस्त 2026 में राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए और गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर दो दवा निर्माण इकाइयों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही राज्यभर से 42,988 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹93.47 लाख बताई गई है।

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

गांधीनगर स्थित राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस पूरे अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को नकली, घटिया और अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं तथा खाद्य पदार्थों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने दूध, घी, तेल और मसालों जैसी रोज़मर्रा की वस्तुओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत औचक निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई जारी रखने का भी आदेश दिया।

दवा क्षेत्र में कार्रवाई का विवरण

एफडीसीए के अनुसार, जोखिम-आधारित निरीक्षण अभियान के दौरान आठ दवा निर्माण कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए और 11 दवाओं के निर्माण लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए। प्रयोगशाला जाँच में घटिया गुणवत्ता की पाई गई 20 दवाओं के निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राज्य के 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों के निरीक्षण में तीन को बंद करने और 12 को नोटिस देने का निर्णय लिया गया।

नशीली और नकली दवाओं पर विशेष अभियान

एफडीसीए ने अपने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ मिलकर अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा में अवैध नशीली एवं नकली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। वडोदरा जिले के वाघोडिया में एक मेडिकल स्टोर के समीप स्थित दुकान से ट्रामाडोल समेत नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा, नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' टैबलेट मामले में 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जाँच में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक फैली सप्लाई चेन का भंडाफोड़ हुआ। इस कार्रवाई में करीब ₹1.75 लाख की संदिग्ध दवाएँ जब्त की गईं और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।

खाद्य सुरक्षा अभियान और होटल-रेस्तरां निरीक्षण

अगस्त में एफडीसीए ने 2,238 खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया और 2,591 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे। राज्यभर में 1,625 से अधिक होटल, रेस्तरां और ढाबों की जाँच की गई। कमियाँ पाए जाने पर 306 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए, जबकि गंभीर उल्लंघनों के चलते 38 प्रतिष्ठानों के विरुद्ध लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर उपभोक्ता चिंताएँ बढ़ रही हैं और नियामक संस्थाओं पर सख्ती का दबाव है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि एफडीसीए का यह अभियान एकल माह की कार्रवाई नहीं, बल्कि एक निरंतर जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली का हिस्सा है। स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया ने स्पष्ट किया है कि आगामी महीनों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि लखनऊ से अहमदाबाद तक उजागर हुई नकली दवाओं की सप्लाई चेन यह दर्शाती है कि यह समस्या राज्य की सीमाओं से परे अंतर-राज्यीय समन्वय की माँग करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद इन कंपनियों पर अभियोजन कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता है — क्योंकि भारत में नियामक दंड अक्सर अदालतों में वर्षों तक उलझे रहते हैं। लखनऊ से अहमदाबाद तक उजागर हुई नकली दवाओं की सप्लाई चेन यह भी दर्शाती है कि यह समस्या किसी एक राज्य की नहीं, बल्कि अंतर-राज्यीय समन्वय और केंद्रीय दवा नियामक की सक्रिय भूमिका की माँग करती है। मासिक निरीक्षण आँकड़े जारी करना पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम है, परंतु जब तक दोषसिद्धि दर सार्वजनिक नहीं होती, 'जीरो टॉलरेंस' महज़ एक नारा बनकर रह सकता है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात एफडीसीए ने अगस्त में कितनी दवा कंपनियों पर कार्रवाई की?
एफडीसीए ने अगस्त 2026 में 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द किए, 8 निर्माण कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए और 2 दवा निर्माण इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा 20 दवाओं के निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए।
गुजरात में कितना संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किया गया और उसकी कीमत क्या है?
राज्यभर से 42,988 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹93.47 लाख बताई गई है। यह जब्ती अगस्त 2026 में चलाए गए व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान हुई।
नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' टैबलेट मामले में क्या खुलासा हुआ?
इस मामले में 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक फैली सप्लाई चेन का पता चला। करीब ₹1.75 लाख की संदिग्ध दवाएँ जब्त की गईं और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई।
वाघोडिया में नशीले इंजेक्शन मामले में कौन-सा कानून लागू हुआ?
वडोदरा जिले के वाघोडिया में एक दुकान से ट्रामाडोल समेत नशीले इंजेक्शनों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। इस मामले में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने अधिकारियों को नकली और मिलावटी दवाओं व खाद्य पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूध, घी, तेल और मसालों जैसी रोज़मर्रा की वस्तुओं की निरंतर निगरानी और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत औचक निरीक्षण जारी रखने का भी आदेश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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