गुजरात खाद्य सुरक्षा अभियान: 1,018 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट, 4,193 इकाइयों की जांच और ₹2.84 लाख जुर्माना

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गुजरात खाद्य सुरक्षा अभियान: 1,018 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट, 4,193 इकाइयों की जांच और ₹2.84 लाख जुर्माना

सारांश

गुजरात में अप्रैल 2026 के 'खाद्य शुद्धता अभियान' ने मिलावट के खिलाफ सरकार की सख्ती को उजागर किया — 1,018 किलो संदिग्ध पनीर नष्ट, 4,193 इकाइयों की जांच, 18 प्रतिष्ठान सील और ₹2.84 लाख जुर्माना। गर्मियों में खाद्य सुरक्षा की यह कार्रवाई अब स्ट्रीट फूड तक भी पहुँच गई है।

Key Takeaways

1,018 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी पनीर नष्ट, अनुमानित कीमत ₹1.83 लाख । अप्रैल 2026 में गुजरात भर में 4,193 खाद्य इकाइयों का निरीक्षण किया गया। प्रयोगशाला परीक्षण के लिए 118 नमूने एकत्र; 270 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी। स्वच्छता उल्लंघन के लिए 18 प्रतिष्ठान सील; उल्लंघनकर्ताओं से ₹2.84 लाख से अधिक जुर्माना। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने मिलावट पर जीरो टोलरेंस नीति की पुष्टि की। अभियान को गन्ने के रस, आम के रस, आइस गोला और तरबूज तक भी विस्तारित किया गया।

गुजरात के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अप्रैल 2026 में राज्यव्यापी 'खाद्य शुद्धता अभियान' के तहत 1,018 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी पनीर नष्ट किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1.83 लाख बताई गई है। इस अभियान के दौरान गुजरात भर में 4,193 खाद्य इकाइयों का निरीक्षण किया गया और उल्लंघनकर्ताओं से ₹2.84 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया।

अभियान का दायरा और कार्रवाई

यह प्रवर्तन कार्रवाई विनिर्माण इकाइयों, रेस्तरां, ढाबों और स्ट्रीट वेंडरों पर केंद्रित रही, जहाँ संदिग्ध मिलावटी डेयरी उत्पाद और पनीर पाए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत अनुपयुक्त या संदिग्ध पाए गए स्टॉक को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए 118 खाद्य नमूने एकत्र किए और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए लगभग 270 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए। स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के लिए 18 प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने कहा कि यह प्रवर्तन अभियान राज्य के 'खाद्य शुद्धता अभियान' का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं औषधि नियामक प्राधिकरण के साथ समीक्षा बैठक के बाद इस अभियान को और तेज किया जा रहा है।

पंशेरिया ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मिलावट के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति का पालन करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि मिलावटी उत्पादों को पनीर बताकर गलत तरीके से बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मौसमी खाद्य पदार्थों पर विशेष नज़र

गर्मियों में मौसमी पेय पदार्थों और स्ट्रीट फूड की बढ़ती खपत को देखते हुए निरीक्षण अभियान को गन्ने के रस, आम के रस, आइस गोला और तरबूज जैसी वस्तुओं तक भी विस्तारित किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मी के मौसम में खाद्य जनित बीमारियों का खतरा सामान्यतः अधिक रहता है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आगे की कानूनी कार्रवाई एकत्र किए गए 118 नमूनों के प्रयोगशाला विश्लेषण के परिणामों पर निर्भर करेगी। गौरतलब है कि राज्य के नगर निगमों ने इस अभियान के दौरान उल्लंघनकर्ताओं से कुल मिलाकर ₹2.84 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला है, जो प्रवर्तन की गंभीरता को दर्शाता है।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा प्रयोगशाला नमूनों के बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई से होगी — जो अक्सर भारत के खाद्य सुरक्षा तंत्र की कमज़ोर कड़ी साबित होती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के आँकड़े बताते हैं कि नमूना संग्रह और अभियोजन के बीच की खाई अभी भी चिंताजनक रूप से चौड़ी है। 'जीरो टोलरेंस' की घोषणाएँ हर गर्मी में दोहराई जाती हैं, लेकिन जब तक दोषियों को त्वरित और दृश्यमान सज़ा नहीं मिलती, यह अभियान एक मौसमी रस्म से अधिक नहीं बन पाता।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात के खाद्य सुरक्षा अभियान में क्या कार्रवाई की गई?
अप्रैल 2026 में गुजरात के 'खाद्य शुद्धता अभियान' के तहत 1,018 किलोग्राम संदिग्ध पनीर नष्ट किया गया, 4,193 इकाइयों का निरीक्षण हुआ और 18 प्रतिष्ठान सील किए गए। उल्लंघनकर्ताओं से ₹2.84 लाख से अधिक जुर्माना भी वसूला गया।
नष्ट किए गए पनीर की कीमत कितनी थी?
नष्ट किए गए 1,018 किलोग्राम संदिग्ध पनीर की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1.83 लाख बताई गई है। यह स्टॉक खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत अनुपयुक्त पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट किया गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई कब होगी?
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आगे की कार्रवाई 118 एकत्रित खाद्य नमूनों के प्रयोगशाला विश्लेषण के परिणामों पर निर्भर करेगी। जिन 270 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट आने के बाद कदम उठाए जाएंगे।
अभियान में किन-किन खाद्य पदार्थों की जांच की गई?
मुख्य रूप से डेयरी उत्पाद और पनीर की जांच हुई, लेकिन गर्मियों की खपत को देखते हुए गन्ने का रस, आम का रस, आइस गोला और तरबूज जैसे मौसमी खाद्य पदार्थ भी इस अभियान के दायरे में लाए गए।
गुजरात सरकार की मिलावट पर क्या नीति है?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया के अनुसार राज्य सरकार मिलावट के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति का पालन करती है। मिलावटी उत्पादों को पनीर बताकर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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