गुजरात में खाने के ठिकानों पर छापेमारी: 1.40 लाख रुपये का जुर्माना और 615 किलो खराब खाना नष्ट

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गुजरात में खाने के ठिकानों पर छापेमारी: 1.40 लाख रुपये का जुर्माना और 615 किलो खराब खाना नष्ट

सारांश

गुजरात में सैकड़ों होटलों और भोजनालयों पर छापेमारी में 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और 615 किलो खराब खाना नष्ट किया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।

Key Takeaways

  • गुजरात में 347 स्थानों का निरीक्षण किया गया।
  • खराब गुणवत्ता के खाने को नष्ट किया गया।
  • खाद्य व्यवसायियों को साफ जानकारी देने का निर्देश दिया गया।
  • गलत जानकारी देने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
  • उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया।

गांधीनगर, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में बड़े पैमाने पर होटलों और ढाबों सहित सैकड़ों भोजनालयों पर सघन छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई में विभिन्न 17 होटलों और भोजनालयों पर 1.40 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही लगभग 615 किलोग्राम खराब गुणवत्ता का भोजन नष्ट किया गया, इस संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स में पनीर और एनालॉग पनीर के उपयोग में खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। गुजरात में कुल 347 स्थानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें रेस्टोरेंट, ढाबे और खाने के स्टॉल शामिल थे।

जिन्हें जुर्माना लगाया गया, उनमें से कुछ अहमदाबाद के होटल भी हैं। सूरत नगर निगम और राजकोट नगर निगम ने क्रमशः 52,300 रुपए और 3,600 रुपए का जुर्माना लगाया।

खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने 4 अप्रैल को एक आदेश जारी किया जिसमें सभी खाद्य कारोबारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे यह स्पष्ट करें कि वे दूध से बना पनीर उपयोग कर रहे हैं या वनस्पति वसा, स्टार्च या अन्य सामग्रियों से निर्मित एनालॉग पनीर।

आदेश में कहा गया, "दूसरे सामग्रियों से बने उत्पादों पर 'पनीर' का लेबल नहीं लगाना चाहिए और इन्हें 'पनीर' के रूप में बेचना भी उचित नहीं है। इसके बजाय इन्हें 'पनीर एनालॉग' या 'एनालॉग' के तौर पर पहचानना चाहिए।"

अधिकारियों ने कहा कि ग्राहकों को गुमराह करने या गलत जानकारी देने की किसी भी कोशिश को नियम उल्लंघन माना जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये कदम यह दर्शाते हैं कि गुजरात में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता लगातार बनी हुई है।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात में क्यों हुई छापेमारी?
यह छापेमारी खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।
कितना जुर्माना लगाया गया?
छापेमारी के दौरान 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कितना खराब खाना नष्ट किया गया?
लगभग 615 किलो खराब गुणवत्ता का खाना नष्ट किया गया।
इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य ग्राहकों को सही जानकारी प्रदान करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या जुर्माना केवल अहमदाबाद के होटलों पर ही लगाया गया?
नहीं, जुर्माना अन्य शहरों के होटलों पर भी लगाया गया।
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