कोलकाता में 'हर घर तिरंगा' रैली: CM सुवेंदु अधिकारी ने की ढाई किमी पदयात्रा, रक्षाबंधन को सरकारी पर्व बनाने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को कोलकाता में आयोजित 'हर घर तिरंगा' रैली का नेतृत्व किया। हाथ में राष्ट्रीय ध्वज थामे मुख्यमंत्री ने गौर पाल सरणी से विक्टोरिया मेमोरियल के उत्तरी द्वार तक करीब ढाई किलोमीटर की पदयात्रा की। यह पहला अवसर है जब पश्चिम बंगाल में राज्य स्तर पर यह अभियान इतने व्यापक पैमाने पर आयोजित किया गया।
रैली का स्वरूप और मार्ग
रैली मध्य कोलकाता के गौर पाल सरणी से प्रारंभ होकर विक्टोरिया मेमोरियल के उत्तरी द्वार पर समाप्त हुई। मुख्यमंत्री सबसे आगे चलते रहे, उनके साथ राज्य मंत्री अर्जुन सिंह, जगन्नाथ चटर्जी और दीपक बर्मन, विधायक रुद्रनील घोष, कौस्तव बागची तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। हजारों आम नागरिक भी तिरंगा लेकर इस यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर 'हर घर तिरंगा' लिखे बैनर लगाए गए थे।
70 लाख राष्ट्रीय ध्वज का वितरण
राज्य सरकार की ओर से 70 लाख राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कार्यक्रम 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलाया जा रहा है और राज्य सरकार इसमें सक्रिय भागीदार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और इस जन-अभियान को सफल बनाने की अपील की।
रक्षाबंधन को सरकारी पर्व बनाने की घोषणा
रैली के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि रक्षाबंधन पर्व को राज्य सरकार आधिकारिक स्तर पर मनाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी धार्मिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। उनके अनुसार, इस पहल से नागरिकों के बीच सामाजिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे तथा पश्चिम बंगाल को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायता मिलेगी।
15 अगस्त के कार्यक्रम का निमंत्रण
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को 15 अगस्त को रेड रोड पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। रैली के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सूचना एवं संस्कृति विभाग तथा कोलकाता नगर निगम के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि रही है — ऐसे में BJP नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा केंद्र के 'हर घर तिरंगा' अभियान को इस पैमाने पर अपनाना राजनीतिक रूप से भी उल्लेखनीय है।