25 सितंबर 2026
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पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों ने किया नमन

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पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों ने किया नमन

सारांश

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, मनोहर लाल और जेपी नड्डा तक — सभी ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी और अंत्योदय व एकात्म मानववाद को आज की नीतियों का आधार बताया।

मुख्य बातें

25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , नितिन गडकरी , पीयूष गोयल , मनोहर लाल और जेपी नड्डा ने एक्स पर अपने संदेश साझा किए।
सभी नेताओं ने 'अंत्योदय' और 'एकात्म मानववाद' को आज भी प्रासंगिक बताते हुए उन्हें वर्तमान सरकार की नीतियों का वैचारिक आधार बताया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक और BJP के वैचारिक मार्गदर्शक माने जाते हैं।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार दीनदयाल जी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक और 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता को श्रद्धापूर्वक नमन किया। सभी नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से उनके विचारों और जीवन दर्शन को आज के भारत के लिए प्रासंगिक बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन 'सादगी, विचारशीलता, राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा।' उन्होंने रेखांकित किया कि दीनदयाल जी ने भारतीय समाज के विकास को केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न मानकर व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के बीच संतुलित एवं समन्वित विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

बिड़ला ने आगे कहा कि 'अंत्योदय' की संकल्पना समाज के सबसे पिछड़े और वंचित वर्ग को विकास की प्राथमिकता में रखती है, और स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता व राष्ट्रीय एकता के प्रति दीनदयाल जी का चिंतन आज भी भारतीय सार्वजनिक जीवन के विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य मंत्रियों की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन 'राष्ट्रसेवा, सादगी, शुचिता और सिद्धांतनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण है।' उन्होंने कहा कि 'एकात्म मानववाद' के माध्यम से दीनदयाल जी ने समावेशी, संतुलित एवं समन्वित विकास की व्यापक दृष्टि प्रस्तुत की, और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें 'युगद्रष्टा' बताते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल जी के विचारों और सिद्धांतों ने देश को एक वैकल्पिक विचारधारा देने का कार्य किया। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनका एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की प्रेरणा देता है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और जेपी नड्डा का आह्वान

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दीनदयाल जी की अंत्योदय की विरासत आज 'विकसित भारत के संकल्प से सिद्धि' के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वर्तमान सरकार पंडित जी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पबद्ध है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय: संक्षिप्त परिचय

गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक थे और उन्होंने 'एकात्म मानववाद' का दार्शनिक सिद्धांत प्रतिपादित किया, जो व्यक्ति और समाज के समग्र विकास की बात करता है। उनका 'अंत्योदय' का विचार — यानी समाज के सबसे वंचित व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना — आज भी नीति-निर्माण में संदर्भित होता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानती है।

राजनीतिक महत्व और आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ दल अपनी सरकार की योजनाओं — विशेषकर गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रमों — को दीनदयाल जी के अंत्योदय दर्शन से जोड़कर प्रस्तुत करता है। नेताओं के संदेशों से स्पष्ट है कि आगामी नीति-विमर्श में भी इस विचारधारा को केंद्र में रखने का प्रयास जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का तर्क है कि जब तक आँकड़े सबसे वंचित तबके तक पहुँच को साबित न करें, यह विचारधारा और व्यवहार के बीच की खाई बनी रहती है। मुख्यधारा की कवरेज इन संदेशों को रूटीन जयंती खबर की तरह पेश करती है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या 'अंत्योदय' सिर्फ भाषण का हिस्सा है या नीति का मापदंड भी।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित दीनदयाल उपाध्याय कौन थे?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक और 'एकात्म मानववाद' के प्रणेता थे। उन्होंने 'अंत्योदय' का सिद्धांत दिया, जिसमें समाज के सबसे वंचित व्यक्ति के कल्याण को विकास की सर्वोच्च कसौटी माना गया। भारतीय जनता पार्टी उन्हें अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानती है।
एकात्म मानववाद क्या है?
एकात्म मानववाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित दार्शनिक सिद्धांत है, जो व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के बीच संतुलित व समन्वित विकास की बात करता है। यह न केवल आर्थिक प्रगति, बल्कि सांस्कृतिक और आत्मिक उन्नति को भी विकास का अनिवार्य हिस्सा मानता है।
25 सितंबर को दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर किन-किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
25 सितंबर 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट कर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी।
अंत्योदय का सिद्धांत आज की सरकारी नीतियों से कैसे जुड़ा है?
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार अपनी गरीब कल्याण, आत्मनिर्भरता और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को दीनदयाल जी के अंत्योदय दर्शन से प्रेरित बताती है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट कहा कि 'विकसित भारत के संकल्प' में यह विरासत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का BJP से क्या संबंध है?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक थे, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनी। BJP उन्हें अपना वैचारिक मार्गदर्शक और नैतिक प्रेरणा-स्रोत मानती है, और उनकी जयंती पर पार्टी तथा सरकार के स्तर पर व्यापक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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