पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक और 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता को श्रद्धापूर्वक नमन किया। सभी नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से उनके विचारों और जीवन दर्शन को आज के भारत के लिए प्रासंगिक बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन 'सादगी, विचारशीलता, राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा।' उन्होंने रेखांकित किया कि दीनदयाल जी ने भारतीय समाज के विकास को केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न मानकर व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के बीच संतुलित एवं समन्वित विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
बिड़ला ने आगे कहा कि 'अंत्योदय' की संकल्पना समाज के सबसे पिछड़े और वंचित वर्ग को विकास की प्राथमिकता में रखती है, और स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता व राष्ट्रीय एकता के प्रति दीनदयाल जी का चिंतन आज भी भारतीय सार्वजनिक जीवन के विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य मंत्रियों की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन 'राष्ट्रसेवा, सादगी, शुचिता और सिद्धांतनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण है।' उन्होंने कहा कि 'एकात्म मानववाद' के माध्यम से दीनदयाल जी ने समावेशी, संतुलित एवं समन्वित विकास की व्यापक दृष्टि प्रस्तुत की, और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें 'युगद्रष्टा' बताते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल जी के विचारों और सिद्धांतों ने देश को एक वैकल्पिक विचारधारा देने का कार्य किया। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनका एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की प्रेरणा देता है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और जेपी नड्डा का आह्वान
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दीनदयाल जी की अंत्योदय की विरासत आज 'विकसित भारत के संकल्प से सिद्धि' के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वर्तमान सरकार पंडित जी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पबद्ध है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय: संक्षिप्त परिचय
गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक थे और उन्होंने 'एकात्म मानववाद' का दार्शनिक सिद्धांत प्रतिपादित किया, जो व्यक्ति और समाज के समग्र विकास की बात करता है। उनका 'अंत्योदय' का विचार — यानी समाज के सबसे वंचित व्यक्ति के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना — आज भी नीति-निर्माण में संदर्भित होता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानती है।
राजनीतिक महत्व और आगे की दिशा
यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ दल अपनी सरकार की योजनाओं — विशेषकर गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रमों — को दीनदयाल जी के अंत्योदय दर्शन से जोड़कर प्रस्तुत करता है। नेताओं के संदेशों से स्पष्ट है कि आगामी नीति-विमर्श में भी इस विचारधारा को केंद्र में रखने का प्रयास जारी रहेगा।