पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती: झारखंड में BJP ने किया माल्यार्पण, 'अंत्योदय' का संकल्प दोहराया
सारांश
मुख्य बातें
रांची में 25 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी के दीनदयाल नगर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का संकल्प नए सिरे से लिया।
मुख्य कार्यक्रम और उपस्थित नेता
दीनदयाल नगर, रांची में आयोजित जयंती समारोह में BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक सीपी सिंह, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और जिला अध्यक्ष वरुण साहू सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेताओं के विचार और संकल्प
BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, जीवन दर्शन, सिद्धांत और अंत्योदय की भावना राष्ट्रसेवा के पथ पर सभी को सदैव प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पंडित जी का पूरा जीवन समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित रहा और उनका दिखाया मार्ग आज भी जनसेवा के लिए सबसे बड़ा मार्गदर्शक है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उन्हें महान विचारक बताते हुए कहा कि 'एकात्म मानववाद' का उनका विचार और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का संकल्प ही भारतीय जनता पार्टी का मूल आधार है। मरांडी ने यह भी कहा कि पंडित जी की नीतियाँ और विचार पार्टी को निरंतर राष्ट्रसेवा और जनसेवा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं।
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति को सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा का साधन माना। उनके एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचार आज भी कार्यकर्ताओं को समाज के कमज़ोर और वंचित वर्ग तक पहुँचने की प्रेरणा देते हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विरासत
गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने 'एकात्म मानववाद' का दर्शन प्रतिपादित किया था, जो भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था के लिए एक स्वदेशी वैचारिक आधार प्रस्तुत करता है। 'अंत्योदय' अर्थात 'अंतिम व्यक्ति का उत्थान' की उनकी अवधारणा आज भी BJP की नीति-निर्माण का एक केंद्रीय सूत्र मानी जाती है। 25 सितंबर को हर वर्ष उनकी जयंती पूरे देश में मनाई जाती है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
कार्यक्रम में उपस्थित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पदचिह्नों पर चलने और उनके सपनों के भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम राज्य में BJP के संगठनात्मक एकजुटता का भी प्रतीक बना, जहाँ पार्टी इस समय विपक्ष में है। आगामी दिनों में पार्टी इन विचारों को ज़मीनी स्तर पर कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचारित करने की योजना बना रही है।