पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती: पटना में बिहार भाजपा कार्यालय पर राष्ट्रीय मंत्री सिद्धार्थ शंभू ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, एकात्म मानववाद के प्रणेता और अंत्योदय विचार के जनक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर 2026 को पटना स्थित बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश कार्यालय में एक श्रद्धापूर्ण स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सिद्धार्थ शंभू, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दालसानिया सहित बड़ी संख्या में नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कार्यालय परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश कार्यालय परिसर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई। भीखू भाई दालसानिया, सिद्धार्थ शंभू, बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान, मंत्री नंदकिशोर राम, मंत्री संजय सिंह टाइगर और विधानसभा में मुख्य सचेतक एवं विधायक संजीव चौरसिया सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने पंडित जी के विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष सुरेश पटेल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला महामंत्री अजीत कुमार ने दिया।
राष्ट्रीय मंत्री सिद्धार्थ शंभू के संबोधन की मुख्य बातें
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सिद्धार्थ शंभू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि उपाध्याय जी द्वारा प्रतिपादित अंत्योदय का विचार आज भी समाज के सबसे वंचित व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणा देता है।
शंभू ने 2013 और 2026 के भारत की तुलना करते हुए कहा कि जहाँ पहले देश कई क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भर रहता था, वहीं आज भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराया और कहा कि यह लक्ष्य आत्मनिर्भरता, मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से साकार होगा।
बिहार सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और उनके विचार भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि उपाध्याय जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना और सेवा के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि उपाध्याय जी ने अंत्योदय का विचार देकर यह स्पष्ट किया कि विकास का वास्तविक लाभ समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने सादगी, राष्ट्रनिष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण के उनके आदर्शों को कार्यकर्ताओं के लिए आज भी प्रासंगिक बताया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का वैचारिक योगदान
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से थे और उन्होंने एकात्म मानववाद तथा अंत्योदय जैसी अवधारणाओं के ज़रिये भारतीय राजनीति एवं समाज को एक नई दिशा दी। विधानसभा में मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया ने कहा कि उनका जीवन त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण है और भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित एवं समाजहित में निरंतर कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर विधायक मनोज शर्मा, विधान पार्षद अरविंद शर्मा और अनामिका सिंह पटेल, प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा, पटना महानगर अध्यक्ष रूप नारायण मेहता, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अमित प्रकाश बबलू सहित मोर्चों के अध्यक्ष, प्रभारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह आयोजन पार्टी की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें प्रत्येक वर्ष 25 सितंबर को उपाध्याय जी की जयंती को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।