दीनदयाल उपाध्याय जयंती 2026: योगी, धामी, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने एकात्म मानववाद के प्रणेता को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर 2026 को देशभर के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए पंडित जी के अंत्योदय और राष्ट्रसेवा के दर्शन को प्रासंगिक बताया।
योगी आदित्यनाथ और रेखा गुप्ता का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "एकात्म मानववाद एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उनका चिंतन आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत है।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि पंडित जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र साधना और भारत की सांस्कृतिक चेतना को समर्पित रहा। उन्होंने कहा, "समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र की प्रगति का आधार मानने वाला उनका चिंतन आज भी जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा है।"
राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, "पंडित दीनदयाल का अंत्योदय का विचार आज भी जनकल्याण की हमारी सोच का आधार है। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने, उसे आत्मनिर्भर बनाने और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट किया कि पंडित जी का अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद का दर्शन आज भी समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने समावेशी विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर लिखा कि उनकी सरकार समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री का संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट किया, "राष्ट्रसेवा, अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर कोटि कोटि नमन। उनके राष्ट्रहित, मानव कल्याण और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के विचार आज भी जनसेवा की दिशा में मार्गदर्शक हैं।"
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का ऐतिहासिक योगदान
गौरतलब है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय जनसंघ की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी और एकात्म मानववाद का दर्शन प्रतिपादित किया, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा की नींव बना। उनका 'अंत्योदय' का सिद्धांत — समाज के सबसे निर्बल व्यक्ति के उत्थान को विकास का척도मानना — आज भी केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी नीतियों में प्रतिबिंबित होता है। यह जयंती ऐसे समय में मनाई जा रही है जब BJP शासित राज्यों में समावेशी विकास और 'विकसित भारत' के एजेंडे को केंद्र में रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्रियों के ये संदेश न केवल श्रद्धांजलि हैं, बल्कि पंडित जी की विचारधारा को अपनी अपनी सरकारों की नीतियों से जोड़ने का प्रयास भी दर्शाते हैं।