क्या पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की?
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नई दिल्ली, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर दिल्ली में भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद मनोज तिवारी, मंत्री प्रवेश वर्मा, मंत्री आशीष सूद सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों को स्मरण किया।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा, "अपने सिद्धांतों के आधार पर, उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था, समाज, शिक्षा और शासन व्यवस्था की रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण के कारण ही देश को एक लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिले हैं, जो इन्हीं सिद्धांतों के अनुरूप जन कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी जहाँ भी कार्य करती है, वहाँ जनता का आशीर्वाद प्राप्त करती है और भारतीय दर्शन तथा पंडित दीनदयाल जी के कल्याणकारी विचारों पर आधारित नीतियों को लागू करती है।"
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उपाध्याय के विचारों की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा, "उन्होंने जो 'एकात्म मानवतावाद' का दर्शन प्रस्तुत किया, वह भारतीय आर्थिक व्यवस्था और जीवन शैली की आधारशिला है। साथ ही, उनकी 'अंत्योदय' की अवधारणा इस बात पर जोर देती है कि जब तक समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति तक सरकारी सुविधाएं नहीं पहुँचतीं, तब तक भारत का उत्थान संभव नहीं है।"
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने उपाध्याय के दर्शन का अनुसरण करने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "हमें गर्व है कि हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय और एकात्म मानववाद की विचारधारा का पालन करते हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि किसी भी सरकार की सफलता तब तक प्राप्त नहीं होती जब तक शासन का प्रकाश अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न पहुंचे। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे सशक्त नेताओं में से एक बन गए हैं और भारत भी उसी मार्ग पर चलकर शीघ्र ही विकसित बनेगा।"
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा का भाव भारत सरकार की सभी योजनाओं में झलकता है। वे सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि एक सामाजिक चिंतक और शिक्षाविद् थे। उनका दर्शन आज भी भाजपा को मार्गदर्शन प्रदान करता है।"