25 सितंबर 2026
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दीनदयाल उपाध्याय जयंती: सीएम मोहन यादव बोले — उनके विचार ही 'आत्मनिर्भर भारत' की असली नींव

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दीनदयाल उपाध्याय जयंती: सीएम मोहन यादव बोले — उनके विचार ही 'आत्मनिर्भर भारत' की असली नींव

सारांश

दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने उनके अंत्योदय और स्वदेशी दर्शन को मोदी सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' से जोड़ा। BJP ने इस अवसर का उपयोग अपनी वैचारिक विरासत और संगठनात्मक प्रतिबद्धता को मज़बूती से रेखांकित करने के लिए किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को भोपाल के लालघाटी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
यादव ने उपाध्याय के समग्र मानवतावाद , स्वदेशी और अंत्योदय के दर्शन को आत्मनिर्भर भारत अभियान की वैचारिक नींव बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे; वे राज्य में एक नई बस सेवा के शुभारंभ के लिए भोपाल आए थे।
राज्य BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उपाध्याय के दर्शन को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत बताया।
BJP ने जयंती का उपयोग सेवा, आत्मनिर्भरता और अंत्योदय पर केंद्रित संगठनात्मक संदेश देने के लिए किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भोपाल के लालघाटी स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि उपाध्याय के समग्र मानवतावाद, स्वदेशी और अंत्योदय के दर्शन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की वैचारिक आधारशिला हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वैचारिक विरासत को रेखांकित करते हुए उपाध्याय को भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य के रूप में याद किया।

उपाध्याय के दर्शन की मुख्य बातें

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मूल संदेश आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और समाज के अंतिम व्यक्ति के सुख, सम्मान और कल्याण पर केंद्रित था। उनके अनुसार, उपाध्याय का मानना था कि विकास तभी सार्थक होता है जब उसका लाभ समाज की सबसे निचली पायदान तक पहुँचे और प्रत्येक नागरिक गरिमापूर्ण जीवन जी सके।

यादव ने कहा, 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा बोया गया स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का बीज आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के विशाल वृक्ष के रूप में विकसित हो रहा है।'

मोदी सरकार के एजेंडे से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने इस अवसर का उपयोग BJP सरकार के घरेलू उत्पादन, स्थानीय उद्योगों और किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा छोटे उद्यमियों के समर्थन पर दिए जा रहे जोर को उपाध्याय के आर्थिक और सामाजिक दर्शन के विस्तार के रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता की ओर यह बदलाव उपाध्याय द्वारा दशकों पहले व्यक्त किए गए वैचारिक दृष्टिकोण की स्वाभाविक निरंतरता है।

गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी भोपाल में उपस्थित थे — वे राज्य में एक नई बस सेवा के शुभारंभ के लिए आए थे और इस जयंती समारोह में भी शामिल हुए।

BJP का संगठनात्मक संदेश

राज्य BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का निरंतर स्रोत बताया। उन्होंने कहा, 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक महान राष्ट्रीय नेता थे, जिन्होंने अपने दृष्टिकोण और विचारों से BJP की विचारधारा को दिशा दी और अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।'

खंडेलवाल ने जोर देकर कहा कि BJP के संगठनात्मक कार्य को सेवा, आत्मनिर्भरता और अंत्योदय पर केंद्रित रहना चाहिए और विकास के लाभ सबसे वंचित वर्गों तक पहुँचने चाहिए।

जयंती का राजनीतिक संदर्भ

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती BJP के लिए हर वर्ष एक महत्वपूर्ण वैचारिक अवसर होती है। यह ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश सरकार अपने सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रमों को 'अंत्योदय' की अवधारणा से जोड़कर पेश कर रही है। राज्य BJP नेतृत्व ने इस जयंती का उपयोग उपाध्याय के विचारों के साथ पार्टी के संगठनात्मक जुड़ाव को और मज़बूत करने के लिए किया।

आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश सरकार की स्थानीय उद्यमिता और स्वदेशी उत्पादन से जुड़ी नीतियों पर नज़र रहेगी, यह देखने के लिए कि उपाध्याय के दर्शन को किस हद तक क्रियान्वित किया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'अंत्योदय' महज़ भाषण की शोभा है या नीतिगत ढाँचे में उसकी मापनीय उपस्थिति है। मध्य प्रदेश में ग्रामीण रोज़गार और छोटे उद्यमियों की वास्तविक स्थिति को लेकर आँकड़े मिले-जुले रहे हैं — यह अंतर्विरोध मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है। उपाध्याय के दर्शन को 'आत्मनिर्भर भारत' से जोड़ना वैचारिक रूप से सुसंगत है, पर तब तक यह केवल ब्रांडिंग है जब तक स्थानीय उद्यमों और वंचित वर्गों को मिलने वाले लाभ के सत्यापन-योग्य आँकड़े सामने न आएँ।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय दर्शन क्या है?
अंत्योदय का अर्थ है समाज के 'अंतिम व्यक्ति' का उत्थान — यानी विकास का लाभ सबसे पहले सबसे वंचित तक पहुँचे। उपाध्याय का मानना था कि जब तक समाज की निचली पायदान का व्यक्ति आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण जीवन नहीं जीता, तब तक विकास अधूरा है।
सीएम मोहन यादव ने दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 सितंबर 2026 को भोपाल में कहा कि उपाध्याय के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज मोदी सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान में साकार हो रहे हैं। उन्होंने घरेलू उत्पादन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने को उपाध्याय के दर्शन की व्यावहारिक अभिव्यक्ति बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भोपाल में क्यों उपस्थित थे?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मध्य प्रदेश में एक नई बस सेवा के शुभारंभ के लिए भोपाल आए थे और इसी दौरान दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
BJP के लिए दीनदयाल उपाध्याय की जयंती का क्या महत्व है?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय BJP के वैचारिक आधार स्तंभ माने जाते हैं और भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे। उनकी जयंती पार्टी के लिए अपनी विचारधारा — सेवा, स्वदेशी और अंत्योदय — को दोहराने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का वार्षिक अवसर है।
मध्य प्रदेश BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जयंती पर क्या संदेश दिया?
राज्य BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि उपाध्याय का दर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का निरंतर स्रोत है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी का संगठनात्मक कार्य सेवा, आत्मनिर्भरता और अंत्योदय पर केंद्रित रहे और विकास के लाभ सबसे वंचित वर्गों तक पहुँचें।
राष्ट्र प्रेस
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