पश्चिम बंगाल: 'हर घर तिरंगा' अभियान 9–17 अगस्त तक, सरकार ने सभी विभागों-पंचायतों को दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने 9 से 17 अगस्त 2026 के बीच राज्यभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाने के लिए सभी सरकारी विभागों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं, जिला प्रशासनों और पंचायतों को औपचारिक निर्देश जारी किए हैं। यह अभियान केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की देशव्यापी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
मुख्य घटनाक्रम
27 जुलाई को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकारी विभागों, पंचायतों, नगर पालिकाओं, शिक्षण संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों, युवा संगठनों, एनजीओ, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें। हर जिले और कोलकाता नगर निगम को 1.5 लाख राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराए जाएंगे।
वित्तीय आवंटन
अभियान के लिए राज्य सरकार ने स्तरवार फंड आवंटित किया है। प्रत्येक जिले को ₹1 लाख, प्रत्येक सब-डिवीजन को ₹50,000, प्रत्येक ब्लॉक को ₹20,000, प्रत्येक नगर निगम को ₹1 लाख और प्रत्येक नगर पालिका को ₹20,000 दिए जाएंगे। यह वित्तीय ढाँचा यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है कि अभियान ज़मीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुँचे।
आयोजित होने वाली गतिविधियाँ
जिला, सब-डिवीजन, ब्लॉक और नगर निगम अधिकारियों को तिरंगा रैलियाँ और प्रभात फेरियाँ आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों, एनसीसी कैडेटों, नेहरू युवा केंद्र के सदस्यों, स्काउट्स और गाइड्स तथा स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी से साइकिल और ई-बाइक रैलियाँ भी आयोजित की जाएंगी।
स्कूलों और कॉलेजों को तिरंगा-थीम वाले पेंटिंग कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वतंत्रता सेनानियों के उद्धरण और 'वंदे मातरम'-थीम वाली सजावट की जाएगी। सरकारी कार्यालयों, ऐतिहासिक इमारतों, बस टर्मिनलों और बाज़ारों को तिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा, जबकि घनी आबादी वाले इलाकों में तिरंगा-थीम वाली रंगोली बनाई जाएगी।
जागरूकता और डिजिटल सहभागिता
अधिकारियों को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास और महत्व पर प्रदर्शनियाँ, सेमिनार, चर्चाएँ, निबंध प्रतियोगिताएँ, क्विज़ और पेंटिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित करने को कहा गया है। बैनर, पोस्टर, डिजिटल अभियानों और 'हर घर तिरंगा' पोर्टल पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेल्फी अपलोड करने के माध्यम से अधिक-से-अधिक नागरिकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है।
रिपोर्टिंग और जवाबदेही
कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भागीदारी के आँकड़ों, तस्वीरों, वीडियो और सेल्फी अपलोड सहित एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग को सौंपनी होगी। इस जवाबदेही तंत्र से अभियान की वास्तविक पहुँच का मूल्यांकन किया जा सकेगा।