'हर घर तिरंगा' अभियान: कानून मंत्रालय की साइकिल रैली में अर्जुन राम मेघवाल शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कानून और न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली में भाग लिया। यह रैली स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से निकाली गई। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ यह अभियान अब देश के सुदूर इलाकों तक पहुँच चुका है।
रैली का आयोजन और भागीदारी
कानून और न्याय मंत्रालय की तीनों शाखाओं — विधायी विभाग, विधि कार्य विभाग और न्याय विभाग — के अधिकारियों ने इस साइकिल रैली में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। मंत्री मेघवाल ने बताया कि सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ मंत्रालय में कार्यरत महिला कर्मचारी भी इस अभियान से जुड़ीं।
मेघवाल ने कहा, 'मातृशक्ति के प्रतीक महिलाएं जो हमारे मंत्रालय में काम करती हैं, वह भी आज इस अभियान से जुड़ रही हैं।' रैली मंत्रालय कार्यालय से प्रारंभ हुई और सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने घरों पर भी तिरंगा फहराने का संकल्प लिया।
अभियान की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की थी। इस वर्ष संस्कृति मंत्रालय इस राष्ट्रव्यापी अभियान का समन्वय कर रहा है और प्रत्येक मंत्रालय अपनी-अपनी तिरंगा यात्रा निकाल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस समारोहों में नागरिक सहभागिता को संस्थागत रूप देने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
तिरंगे का प्रतीकात्मक महत्व
मंत्री मेघवाल ने राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'तिरंगा हमारे लिए सिर्फ झंडा नहीं है। केसरिया रंग शौर्य की सीख देता है, सफेद रंग शांति का प्रतीक है और हरा रंग समृद्धि का संदेश देता है।'
उन्होंने अशोक चक्र की 24 तीलियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये तीलियाँ निरंतर और अथक परिश्रम का संदेश देती हैं — 'हमें 24×7 काम करना है, थकना नहीं है, रुकना नहीं है। भारत को विकसित भारत बनाना है।'
आगे की राह
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार सभी मंत्रालय इस अभियान में समन्वित रूप से भाग ले रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रशासनिक स्तर से लेकर आम नागरिक तक मज़बूत करना है।