27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

'हर घर तिरंगा' अभियान: अरुण साव बोले — देशभक्ति जगाने का सबसे प्रभावी माध्यम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
'हर घर तिरंगा' अभियान: अरुण साव बोले — देशभक्ति जगाने का सबसे प्रभावी माध्यम

सारांश

'हर घर तिरंगा' अभियान इस बार महज़ एक सरकारी पहल नहीं रही — यह राजनेताओं से लेकर धर्मगुरुओं तक की साझा आवाज़ बन गई है। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव से लेकर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली तक — सबने एक सुर में तिरंगे को देशभक्ति का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस से पूर्व 'हर घर तिरंगा' अभियान में व्यापक भागीदारी की अपील की है।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अभियान को 'देशभक्ति का भाव जगाने वाला प्रभावी माध्यम' बताया।
उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश खन्ना ने राष्ट्रीय ध्वज को सर्वोच्च सम्मान का अधिकारी बताते हुए नागरिकों से इसे घरों में फहराने की अपील की।
शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी और मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी अभियान का समर्थन किया।
अभियान 13 से 15 अगस्त के बीच देशव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्रता दिवस से पूर्व 'हर घर तिरंगा' अभियान में व्यापक भागीदारी की अपील को देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। 27 जुलाई को विभिन्न राज्यों के नेताओं और धर्मगुरुओं ने इस अभियान के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की, इसे राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को पुनर्जीवित करने का सशक्त ज़रिया बताया।

अरुण साव का स्वागत

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अभियान का खुले दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस से पहले लोगों से लगातार 'हर घर तिरंगा' अभियान में शामिल होने की अपील की है। हर घर हमारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए, वीर शहीदों को नमन करे, जिनकी तपस्या से हमें आज़ादी मिली।' साव ने आगे जोड़ा कि भारत आज दुनिया में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर है। उनके अनुसार यह अभियान 'देशभक्ति का भाव जगाने वाला प्रभावी माध्यम' बन चुका है।

उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना ने भी प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'हर भारतीय को देश के प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमारा राष्ट्रीय ध्वज सर्वोच्च सम्मान का अधिकारी है और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह पूर्ण श्रद्धा के साथ इसका सम्मान करे तथा गर्व के साथ इसे अपने घरों में फहराए।'

धर्मगुरुओं का समर्थन

शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी ने अभियान का समर्थन करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की सादगी और देशसेवा को याद किया। उन्होंने कहा, 'डॉ. कलाम द्वारा स्थापित उदाहरण की कोई बराबरी नहीं कर सकता। वे सूटकेस और कुछ किताबों के साथ राष्ट्रपति भवन आए और उतनी ही सादगी के साथ गए। हर भारतीय के दिल में तिरंगा है और वे जानते हैं कि इसका सम्मान कैसे करना है।' यह ऐसे समय में आया है जब अभियान को सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताने की कोशिशें भी तेज़ हुई हैं।

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हुए नागरिकों से 15 अगस्त को बड़े उत्साह के साथ मनाने और सभी शैक्षणिक संस्थानों में तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी देश की आज़ादी की विरासत से जुड़ सकेगी।

अभियान का दायरा और उद्देश्य

'हर घर तिरंगा' अभियान इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है। इसमें आम नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और संस्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह अभियान पहली बार 2022 में शुरू हुआ था और तब से हर वर्ष इसकी भागीदारी बढ़ती जा रही है।

आगे क्या

अभियान के तहत 13 से 15 अगस्त के बीच घरों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया गया है। नेताओं और धर्मगुरुओं की एकजुट अपील से इस बार की भागीदारी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके दीर्घकालिक नागरिक प्रभाव को मापने का कोई स्वतंत्र तंत्र अभी तक सामने नहीं आया है। धर्मगुरुओं की भागीदारी अभियान को सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करने की रणनीतिक कोशिश भी दिखती है, जो विभाजनकारी राजनीति के दौर में एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हर घर तिरंगा' अभियान क्या है?
'हर घर तिरंगा' अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल है, जिसमें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर नागरिक को अपने घर, कार्यालय और संस्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह अभियान पहली बार 2022 में शुरू हुआ था और तब से प्रतिवर्ष आयोजित होता है।
अरुण साव ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के बारे में क्या कहा?
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह अभियान 'देशभक्ति का भाव जगाने वाला प्रभावी माध्यम' बन गया है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि हर घर राष्ट्रीय ध्वज फहराए और वीर शहीदों को नमन करे।
'हर घर तिरंगा' अभियान कब मनाया जाएगा?
इस वर्ष अभियान 13 से 15 अगस्त के बीच देशव्यापी स्तर पर चलाया जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन तीन दिनों में अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराएँ।
किन धर्मगुरुओं ने इस अभियान का समर्थन किया है?
शिया धर्मगुरु सैयद सैफ अब्बास नकवी और मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अभियान का समर्थन किया है। दोनों ने नागरिकों से 15 अगस्त को उत्साह के साथ मनाने और शैक्षणिक संस्थानों में तिरंगा फहराने की अपील की।
'हर घर तिरंगा' अभियान का नई पीढ़ी पर क्या असर होगा?
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अनुसार, इस अभियान से नई पीढ़ी देश की आज़ादी की विरासत से रूबरू हो सकेगी। सभी शैक्षणिक संस्थानों में तिरंगा फहराने से बच्चों और युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जागृत होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 11 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले