हर घर तिरंगा अभियान: जेपी नड्डा ने आवास पर फहराया तिरंगा, राम मोहन नायडू ने रैली का नेतृत्व किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 13 अगस्त 2026 को 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों से 'आत्मनिर्भर भारत' तथा 'विकसित भारत' के संकल्प में सहभागी होने का आह्वान किया। उसी दिन नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने राजीव गांधी भवन से तिरंगा रैली को झंडी दिखाकर उसका नेतृत्व किया।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 9 अगस्त से 15 अगस्त तक देशभर में 'तिरंगा यात्रा' और 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जा रहा है। नड्डा ने बताया कि इसी कड़ी में देश के हर शहर और गाँव में तिरंगा यात्राएँ निकाली जा रही हैं, जिनमें नागरिक देशभक्ति के गीतों के साथ शामिल हो रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस अभियान की शुरुआत करते हुए इसे सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया था।
जेपी नड्डा का संबोधन
नड्डा ने कहा, 'आज हर घर पर तिरंगा फहराया जाता है। आज मुझे भी अपने निवास पर परिवार के साथ तिरंगा फहराने का सौभाग्य मिला।' उन्होंने आगे कहा कि देश के करोड़ों लोग अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर इस जनआंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ भारत को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं। नड्डा ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे तिरंगा फहराएँ और 'विकसित व आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
राम मोहन नायडू की तिरंगा रैली
नागर विमानन मंत्रालय ने 'हर घर तिरंगा' पहल के तहत नई दिल्ली में तिरंगा रैली आयोजित की। राम मोहन नायडू ने राजीव गांधी भवन से इस रैली को रवाना किया। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 सालों में हमारे देश ने जिस तरह से विकास किया है, उसी तरह हमने अपने मंत्रालय में भी कई अहम उपलब्धियाँ हासिल की हैं। आज एक आम नागरिक भी गर्व के साथ हवाई यात्रा कर सकता है।'
विमानन क्षेत्र और 'विकसित भारत' का संकल्प
नायडू ने विमानन क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए मंत्रालय पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पूर्वजों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष से प्रेरणा लेना और उसका सम्मान करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय एकता
नायडू ने राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए संसद द्वारा पारित कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोग राष्ट्रगीत से जुड़े हुए हैं, जो देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। यह अभियान 15 अगस्त तक जारी रहेगा और देशभर में इसी उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा।