हैदराबाद में नकली नोट रैकेट का पर्दाफाश, 21 वर्षीय विक्रम गिरफ्तार; ₹8,000 के जाली नोट जब्त
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद पुलिस ने बेगम बाजार इलाके में गश्त के दौरान 21 वर्षीय विक्रम को 27 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया, जिसके पास ₹500 के 16 जाली नोट — कुल ₹8,000 मूल्य के — बरामद हुए। गोशामहल पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में मुख्य सप्लायर अशोक फरार है और उसकी तलाश जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
बेगम बाजार छतरी के निकट नियमित गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों को विक्रम की हरकतें संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ की गई। तलाशी में उसके पास से ₹500 के 16 नकली नोट मिले।
पूछताछ में विक्रम ने स्वीकार किया कि वह प्रत्येक जाली नोट को ₹400 असली धनराशि देकर हासिल करता था और फिर उन्हें छोटे विक्रेताओं के बीच ₹500 के असली नोट की तरह चलाता था — यानी प्रति नोट ₹100 का मुनाफा कमाता था।
आरोपी की पृष्ठभूमि
मूल रूप से राजस्थान का निवासी विक्रम हैदराबाद के बेगम बाजार में रह रहा था। उसने खुलासा किया कि जाली नोट उसे अशोक नामक व्यक्ति से मिलते थे। गोशामहल पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक बी. श्रवण कुमार ने पुष्टि की कि अशोक और अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
आरोपी को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कानूनी कार्रवाई
गोशामहल पुलिस स्टेशन में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179, 180 और 318(4) के साथ 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएँ जाली मुद्रा रखने, चलाने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
जाँच अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने और शेष फरार आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करने के लिए आगे की जाँच जारी है।
आम जनता पर असर और पुलिस की अपील
गोशामहल पुलिस ने सभी छोटे विक्रेताओं, दुकानदारों, सड़क व्यापारियों और आम नागरिकों से ₹500 के नकली नोटों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। यह मामला इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि जाली नोट मुख्यतः असंगठित क्षेत्र के छोटे विक्रेताओं को निशाना बनाते हैं, जो आमतौर पर नोट की जाँच के लिए पर्याप्त साधनों से वंचित होते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नकली मुद्रा से जुड़े मामलों में वृद्धि की खबरें आती रही हैं। आगे की जाँच में पुलिस इस रैकेट के व्यापक नेटवर्क और आपूर्ति स्रोत का पता लगाने की कोशिश करेगी।