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ग्रेटर नोएडा में जाली नोट गिरोह गिरफ्तार: ₹2.54 लाख के 2549 नकली नोट बरामद

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ग्रेटर नोएडा में जाली नोट गिरोह गिरफ्तार: ₹2.54 लाख के 2549 नकली नोट बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रात की चेकिंग में स्कॉर्पियो रोककर जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया। ₹100 के 2,549 नकली नोट, प्रिंटर और कटिंग मशीन बरामद। अलीगढ़ के तीन युवक गिरफ्तार — सभी नोटों पर एक ही सीरियल नंबर था।

मुख्य बातें

ईकोटेक-1 थाना पुलिस और एसओजी टीम ने 5 अक्टूबर 2026 की रात सिरसा गोल चक्कर पर स्कॉर्पियो रोककर जाली नोट गिरोह पकड़ा।
आरोपियों के पास से ₹100 के 2,549 नकली नोट मिले, कुल अंकित कीमत ₹2,54,900 ।
गिरफ्तार तीनों आरोपी — बंटी अत्री (23) , खुशदील (21) और उपेंद्र कुमार (25) — अलीगढ़ के निवासी हैं।
बरामद सभी नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था।
गड्डी के ऊपर-नीचे असली नोट और कैनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म लगाकर नकली नोट असली दिखाने की चाल चली जाती थी।
प्रिंटर, कटिंग मशीन, हरियाणा नंबर की स्कॉर्पियो और 4 मोबाइल फोन भी जब्त; जाँच जारी।

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-1 थाने की पुलिस और ग्रेटर नोएडा जोन की एसओजी टीम ने 5 अक्टूबर 2026 की रात संयुक्त अभियान चलाते हुए जाली नोटों की छपाई और तस्करी से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेते हुए उनके पास से ₹100-₹100 के 2,549 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत ₹2,54,900 बताई गई है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

5 अक्टूबर की रात लगभग 10:47 बजे सिरसा गोल चक्कर पर नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो कार को रोककर उसमें सवार तीन युवकों की तलाशी ली। तलाशी में बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने पर तीनों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बंटी अत्री (उम्र 23), खुशदील (उम्र 21) और उपेंद्र कुमार (उम्र 25) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी अलीगढ़ जिले के निवासी हैं। जिस स्कॉर्पियो में वे यात्रा कर रहे थे, उसका पंजीकरण नंबर हरियाणा का बताया गया है।

आरोपियों के कब्जे से नकली नोटों के अलावा एक प्रिंटर, नोटों की कटिंग मशीन, एक स्कॉर्पियो कार, चार मोबाइल फोन, आईडी कार्ड और अन्य कागजात भी बरामद किए गए।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे छापते थे नकली नोट

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह तरीका सामने आया कि आरोपी पहले असली नोट को स्कैन करते थे, फिर उसी की हूबहू नकल प्रिंटर की मदद से छापते थे। इसके बाद कटिंग मशीन से नोटों को एक-एक कर अलग किया जाता था।

गौरतलब है कि बरामद सभी 2,549 नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था — जो इनकी नकली प्रकृति उजागर करने वाला सबसे स्पष्ट संकेत था। इन सभी नोटों की कुल अंकित कीमत ₹2,54,900 बताई गई है।

बाजार में खपाने की चतुर योजना

पुलिस के अनुसार गिरोह ने नकली नोटों को वास्तविक नोटों के रूप में चलाने के लिए एक सोची-समझी चाल अपना रखी थी। नकली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट रखे जाते थे ताकि पहली नज़र में पूरी गड्डी असली लगे।

इसके अतिरिक्त गड्डी के दोनों सिरों पर कैनरा बैंक के जमा-पर्चे (डिपॉजिट फॉर्म) रबर बैंड से लगाए जाते थे, जिससे किसी को भी शक न हो। पुलिस का कहना है कि आरोपी इस तरह तैयार गड्डियों को बाजार में असली रकम के तौर पर खपाने की तैयारी में थे।

पुलिस अभियान का नेतृत्व

यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) और पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा के निर्देशन में की गई। अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा और सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय के नेतृत्व में थाना ईकोटेक-1 की टीम और एसओजी दल ने यह संयुक्त अभियान अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई सुनियोजित गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

आगे की जाँच

तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना ईकोटेक-1 में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में अन्य कौन-कौन से लोग शामिल हैं और नकली नोटों को किन-किन इलाकों में खपाया जाना था। नकली नोट नेटवर्क का पूरा खुलासा होने तक जाँच जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कैनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म की चाल से यह स्पष्ट है कि इन्हें संस्थागत विश्वसनीयता का फायदा उठाना आता था। असली सवाल यह है कि इस नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला कहाँ तक फैली है — और क्या अलीगढ़-हरियाणा कनेक्शन किसी बड़े तंत्र की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में पकड़े गए जाली नोट गिरोह का मामला क्या है?
5 अक्टूबर 2026 की रात ग्रेटर नोएडा के सिरसा गोल चक्कर पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो रोककर तीन युवकों को गिरफ्तार किया। उनके पास से ₹100 के 2,549 नकली नोट, एक प्रिंटर, कटिंग मशीन और अन्य सामान बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहाँ के रहने वाले हैं?
तीनों गिरफ्तार आरोपियों के नाम बंटी अत्री (23), खुशदील (21) और उपेंद्र कुमार (25) हैं। पुलिस के अनुसार तीनों उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं।
नकली नोटों को असली दिखाने के लिए गिरोह क्या तरीका अपनाता था?
गिरोह नकली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट रखता था ताकि पहली नज़र में पूरी गड्डी असली लगे। इसके अलावा गड्डी के दोनों सिरों पर कैनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म रबर बैंड से लगाए जाते थे।
पुलिस ने नकली नोटों के अलावा क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने एक प्रिंटर, नोट काटने की मशीन, हरियाणा नंबर प्लेट वाली एक स्कॉर्पियो कार, चार मोबाइल फोन, आईडी कार्ड और अन्य कागजात बरामद किए। ये सभी नकली नोटों की छपाई और वितरण में इस्तेमाल होते बताए गए हैं।
इस मामले में आगे की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना ईकोटेक-1 में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और नकली नोटों के वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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