16 अक्टूबर 2026
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ग्रेटर नोएडा में ₹1.84 लाख के जाली नोटों के साथ चार गिरफ्तार, अयोध्या जेल से बनी थी साजिश

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ग्रेटर नोएडा में ₹1.84 लाख के जाली नोटों के साथ चार गिरफ्तार, अयोध्या जेल से बनी थी साजिश

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने ₹1.84 लाख के 920 जाली ₹200 नोटों के साथ चार युवकों को धर दबोचा। साजिश की जड़ें अयोध्या जेल तक जाती हैं, जहाँ कथित तौर पर 2024 में यह षड्यंत्र रचा गया था। सभी आरोपी 19 से 22 वर्ष के हैं और कॉलेज छात्र भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर की पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को चार आरोपियों को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया।
बरामद सामग्री में ₹200 के 920 जाली नोट (कुल अंकित कीमत ₹1,84,000 ), ₹1,000 नकद और एक बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार शामिल है।
आरोपी लोगों को तीन गुना रकम का लालच देकर असली नोटों के बदले नकली नोट थमाते थे।
पूछताछ के अनुसार साजिश 2024 में अयोध्या जेल में बनाई गई, जहाँ मुख्य आरोपी अर्जुन सिंह की कुबेर सिंह से मुलाकात हुई थी।
चारों आरोपियों की उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच है; तीन आरोपी सक्रिय कॉलेज छात्र हैं।
पुलिस जाली नोट तैयार करने के स्रोत और अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए जाँच जारी रखेगी।

गौतमबुद्धनगर के थाना नॉलेज पार्क की पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को जाली भारतीय करेंसी के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ग्राम कोंडली पुस्ता के पास हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹200 के कुल 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत ₹1,84,000 बताई गई है। इनके अलावा अपराध से जुड़े ₹1,000 नकद और एक बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है।

गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, थाना नॉलेज पार्क की टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की। 16 अक्टूबर को ग्राम कोंडली पुस्ता के पास दबिश देकर चारों आरोपियों को दबोचा गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अर्जुन सिंह (22 वर्ष), शशांक गुप्ता (19 वर्ष), शान्तनु सिंह (19 वर्ष) और वैभव शुक्ला (लगभग 19 वर्ष) के रूप में हुई। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं।

जाली करेंसी की साजिश का खुलासा

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अर्जुन सिंह वर्ष 2024 में अयोध्या की जेल में कुबेर सिंह नामक व्यक्ति के साथ बंद था। कथित तौर पर जेल के दौरान दोनों की मुलाकात के दौरान ही जाली करेंसी का कारोबार करने की योजना तैयार की गई। पुलिस के मुताबिक इस योजना में कुबेर सिंह, अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता और शान्तनु सिंह जाली करेंसी तैयार करने के काम में शामिल थे।

आरोपियों का तरीका

पुलिस के अनुसार, आरोपी आम लोगों को तीन गुना रकम देने का लालच देकर नकली नोटों के बदले असली रुपए हासिल करते थे। इस तरह ठगी से अर्जित रकम को आरोपी आपस में बांट लेते थे। गौरतलब है कि 'तीन गुना रिटर्न' का यह प्रलोभन पहले भी जाली नोट गिरोहों द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा है, जो वित्तीय रूप से कमज़ोर वर्गों को निशाना बनाते हैं।

आरोपियों का परिचय

अर्जुन सिंह (22 वर्ष) — पुत्र धार्ज सिंह, ग्राम ग्वाडिया, थाना कोतवाली नगर, सुलतानपुर। शैक्षिक योग्यता आठवीं पास। शशांक गुप्ता (19 वर्ष) — पुत्र सुनील गुप्ता, ग्राम हैदरगंज, थाना कोतवाली, अयोध्या; बीकॉम अंतिम वर्ष का छात्र। शान्तनु सिंह (19 वर्ष) — पुत्र रामसिंह, ग्राम हरियरपुर, थाना कमलपुर, जिला सीतापुर; बीए-एलएलबी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत। वैभव शुक्ला (लगभग 19 वर्ष) — पुत्र अजय कुमार शुक्ला, ग्राम टंडौली, थाना महाराजगंज, अयोध्या; बीसीए अंतिम वर्ष का छात्र।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच

पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शान्तनु सिंह और वैभव शुक्ला के नाम थाना कैंट, अयोध्या में भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब जाली नोट तैयार करने के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए जाँच जारी रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसका ढाँचा है — अयोध्या जेल में रची गई साजिश यह दर्शाती है कि सुधार-गृह कभी-कभी अपराध-नेटवर्क के ऊष्मायन केंद्र बन जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस जाली नोट गिरोहों पर नकेल कसने का दावा करती रही है, फिर भी 19-22 वर्ष के युवक — जिनमें कानून के छात्र भी शामिल हैं — इस धंधे में उतर रहे हैं। पुलिस को अब केवल इन चार पर नहीं, बल्कि आपूर्ति शृंखला — नोट बनाने वाले स्रोत कुबेर सिंह तक — पर भी जाँच केंद्रित करनी होगी, वरना यह कार्रवाई नेटवर्क को तोड़ने के बजाय महज एक कड़ी काटने तक सीमित रह जाएगी।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में जाली नोट मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया?
थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर की पुलिस ने अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शान्तनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया है। ये सभी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और 19 से 22 वर्ष की उम्र के हैं।
बरामद जाली नोटों की कुल कीमत कितनी थी?
पुलिस ने ₹200 के कुल 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत ₹1,84,000 है। इसके अलावा ₹1,000 नकद और एक बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई।
जाली करेंसी गिरोह की साजिश कैसे रची गई?
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, मुख्य आरोपी अर्जुन सिंह वर्ष 2024 में अयोध्या जेल में कुबेर सिंह के साथ बंद था। कथित तौर पर इसी दौरान दोनों ने जाली करेंसी का कारोबार करने की योजना बनाई और बाद में अन्य आरोपियों को इसमें शामिल किया।
आरोपी लोगों को कैसे ठगते थे?
आरोपी आम लोगों को तीन गुना रकम देने का लालच देकर असली नोट लेते थे और बदले में नकली नोट थमा देते थे। इस तरह अर्जित रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बाँट लेते थे।
पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
सभी चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अब जाली नोट तैयार करने के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए जाँच जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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