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मोतिहारी में ₹4.95 लाख के जाली नोट बरामद, शेख अयनुल गिरफ्तार; एक साथी फरार

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मोतिहारी में ₹4.95 लाख के जाली नोट बरामद, शेख अयनुल गिरफ्तार; एक साथी फरार

सारांश

बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने रात की गश्त के दौरान ₹4.95 लाख के जाली नोट बरामद किए। आरोपी शेख अयनुल गिरफ्तार, उसका एक साथी फरार। पुलिस नोटों के स्रोत और नेटवर्क की जाँच में जुटी है।

मुख्य बातें

पूर्वी चंपारण, बिहार में पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को ₹4.95 लाख मूल्य के जाली नोट जब्त किए।
गिरफ्तार आरोपी शेख अयनुल के पास से नकली नोटों के 10 बंडल बरामद हुए।
कार्रवाई सेमरा स्टेशन के निकट वाहन जाँच के दौरान तुरकौलिया थाना क्षेत्र में हुई।
मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों में से एक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
पुलिस जाली नोटों के स्रोत और वितरण नेटवर्क की जाँच कर रही है।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को जाली नोटों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹4.95 लाख मूल्य के नकली भारतीय करेंसी नोट जब्त किए। तुरकौलिया थाना क्षेत्र में रात की गश्त के दौरान हुई इस कार्रवाई में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जबकि उसका साथी मौके से भागने में सफल रहा।

कैसे हुई कार्रवाई

सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि सोमवार रात तुरकौलिया थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति जाली नोटों का लेनदेन कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद उनके नेतृत्व में तत्काल एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया।

विशेष टीम ने सेमरा स्टेशन के निकट वाहन जाँच शुरू की। जाँच के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही उनमें से एक व्यक्ति भाग निकला, जबकि दूसरे को पुलिस दल ने मौके पर ही पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शेख अयनुल के रूप में हुई है, जो पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र के जनरवा गाँव का निवासी बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके पास से जाली नोटों के 10 बंडल बरामद हुए, जिनकी कुल अंकित कीमत ₹4 लाख 95 हज़ार बताई गई है।

बरामद नोटों को जब्त कर लिया गया है और अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जाँच का दायरा

पुलिस अब इन जाली नोटों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है — यह नोट कहाँ से लाए गए, किन व्यक्तियों तक पहुँचाने की योजना थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। गौरतलब है कि जाली करेंसी का कारोबार सीमावर्ती जिलों में एक पुरानी चुनौती रही है और पूर्वी चंपारण की नेपाल सीमा से निकटता इसे संवेदनशील बनाती है।

फरार साथी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जाँच पूरी होने पर और विवरण सामने आएगा।

कार्रवाई में शामिल टीम

इस अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में तुरकौलिया थानाध्यक्ष रणजीत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रेणु कुमारी, पुलिस अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार तथा जिला आसूचना इकाई, मोतिहारी की टीम शामिल थी।

पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जाँच कर रही है और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ₹4.95 लाख की यह बरामदगी महज एक अलग घटना नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का संकेत हो सकती है। असली सवाल यह है कि ये नोट कहाँ छपे और इनकी सप्लाई चेन कहाँ तक फैली है — जिसका जवाब फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अधूरा रहेगा। बिहार में नकली नोटों की पकड़ की बढ़ती घटनाएँ यह भी दर्शाती हैं कि जिला स्तर पर खुफिया तंत्र सक्रिय हुआ है, लेकिन तस्करी के स्रोत तक पहुँचना अभी बाकी है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोतिहारी में जाली नोट कांड क्या है?
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को तुरकौलिया थाना क्षेत्र में ₹4.95 लाख मूल्य के जाली भारतीय करेंसी नोट बरामद किए। मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों में से एक शेख अयनुल को गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरा फरार हो गया।
गिरफ्तार आरोपी शेख अयनुल कौन है?
शेख अयनुल पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र के जनरवा गाँव का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से जाली नोटों के 10 बंडल बरामद किए, जिनकी अंकित कीमत ₹4 लाख 95 हज़ार बताई गई है।
पुलिस को जाली नोटों की सूचना कैसे मिली?
सोमवार रात तुरकौलिया थाना क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति जाली नोटों का लेनदेन कर रहे हैं। सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की और सेमरा स्टेशन के पास वाहन जाँच शुरू की।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस जाली नोटों के स्रोत और वितरण नेटवर्क की जाँच कर रही है। फरार आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं, और जाँच पूरी होने पर अधिक विवरण सामने आने की उम्मीद है।
क्या पूर्वी चंपारण में जाली नोटों की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
पूर्वी चंपारण की नेपाल से सटी सीमा के कारण यह जिला लंबे समय से जाली करेंसी की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार इस कारोबार से जुड़े नेटवर्क की पूरी जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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