पेटीएम का मर्चेंट नेटवर्क 1.64 करोड़ पर पहुंचा, बर्नस्टीन ने ₹2,200 का लक्ष्य बरकरार रखा
सारांश
मुख्य बातें
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने 27 अक्टूबर 2026 को जारी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में फिनटेक कंपनी पेटीएम (One 97 Communications) पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹2,200 प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य तय किया है। ब्रोकरेज का यह आकलन पेटीएम के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजों पर आधारित है, जिसमें कंपनी के मर्चेंट नेटवर्क विस्तार और राजस्व वृद्धि ने भारत के तेज़ी से प्रतिस्पर्धी होते डिजिटल भुगतान बाज़ार में चिंताओं को कम किया है। 26 अक्टूबर के बंद भाव की तुलना में यह लक्ष्य लगभग 33 प्रतिशत की संभावित बढ़त का संकेत देता है।
मर्चेंट नेटवर्क और उपभोक्ता भागीदारी
पेटीएम ने सितंबर 2026 तिमाही के दौरान लगभग 7 लाख नए मर्चेंट डिवाइस जोड़े, जो हाल की तिमाहियों में कंपनी की विस्तार दर के अनुरूप है। इससे कंपनी का कुल मर्चेंट डिवाइस नेटवर्क बढ़कर 1.64 करोड़ हो गया है। बर्नस्टीन के अनुसार, डिवाइस जोड़ने की यह निरंतर गति यह संकेत देती है कि भुगतान क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद पेटीएम अपनी पकड़ मज़बूत बनाए हुए है।
उपभोक्ता स्तर पर भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। कंपनी के मासिक लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं (MTU) की संख्या पिछली तिमाही के मुकाबले 50 लाख और सालाना आधार पर 1 करोड़ बढ़कर 8.5 करोड़ हो गई। ब्रोकरेज ने इसे पेटीएम के भुगतान इकोसिस्टम में गहरी होती उपयोगकर्ता संलग्नता का प्रमाण बताया।
वित्तीय प्रदर्शन: राजस्व और लाभप्रदता
वित्तीय संख्याओं के लिहाज़ से पेटीएम की दूसरी तिमाही उत्साहजनक रही। कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर ₹2,648 करोड़ पर पहुंच गया। इसके साथ ही EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास से पहले का लाभ) 90 प्रतिशत उछलकर ₹270 करोड़ रहा, जो परिचालन दक्षता में सुधार का स्पष्ट संकेत है।
अप्रत्यक्ष खर्च में कुल राशि के लिहाज़ से वृद्धि हुई, लेकिन राजस्व के अनुपात में यह एक वर्ष पहले के 52 प्रतिशत से घटकर लगभग 46 प्रतिशत रह गया — जो लागत अनुशासन की दिशा में सुधार को दर्शाता है। बर्नस्टीन ने परिचालन खर्च में वृद्धि को लेकर सतर्कता जताई, लेकिन राजस्व के सापेक्ष इसमें आई कमी को सकारात्मक बताया।
भुगतान मार्जिन और GMV
पेटीएम के भुगतान कारोबार की कमाई क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार आया। कंपनी का शुद्ध भुगतान मार्जिन 8.5 आधार अंक से बढ़कर 9.1 आधार अंक हो गया। उल्लेखनीय है कि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर सकल मर्चेंडाइज़ वैल्यू (GMV) स्थिर रहने के बावजूद शुद्ध भुगतान राजस्व में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। यह दर्शाता है कि पेटीएम अपने मौजूदा लेनदेन आधार से अधिक कुशलता से कमाई कर रही है।
वित्तीय सेवाएं और मार्केटिंग राजस्व में उछाल
वित्तीय सेवाएं पेटीएम के लिए वृद्धि का एक अहम स्तंभ बनकर उभरीं। इस खंड का राजस्व सालाना आधार पर 49 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा। मार्केटिंग सेवाओं के मोर्चे पर भी तस्वीर बेहतर हुई — यह राजस्व सालाना आधार पर 26 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 20 प्रतिशत बढ़ा। गौरतलब है कि मार्केटिंग सेवाओं में यह सुधार कई तिमाहियों की सुस्ती के बाद आया है, जो कंपनी के विविधीकृत राजस्व मॉडल के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य और आगे की राह
भारत के डिजिटल भुगतान बाज़ार में PhonePe, Google Pay और बैंकों के अपने UPI प्लेटफॉर्म के साथ प्रतिस्पर्धा लगातार तीव्र हो रही है। ऐसे में पेटीएम का मर्चेंट डिवाइस नेटवर्क का निरंतर विस्तार और उपभोक्ता संलग्नता में सुधार कंपनी की स्थिरता को रेखांकित करता है। बर्नस्टीन का ₹2,200 का लक्ष्य मूल्य दर्शाता है कि ब्रोकरेज को कंपनी की मध्यावधि वृद्धि की संभावनाओं पर भरोसा है। आने वाली तिमाहियों में वित्तीय सेवाओं के राजस्व की रफ्तार और परिचालन लाभप्रदता की दिशा निवेशकों की नज़र में होगी।