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सैनिक स्कूल मैनपुरी को मिलेगी 9.524 हेक्टेयर भूमि, योगी कैबिनेट ने दी निःशुल्क हस्तांतरण की मंजूरी

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सैनिक स्कूल मैनपुरी को मिलेगी 9.524 हेक्टेयर भूमि, योगी कैबिनेट ने दी निःशुल्क हस्तांतरण की मंजूरी

सारांश

योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने सैनिक स्कूल मैनपुरी को 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क देने का फैसला किया — परिसर में दो उच्चदाब विद्युत लाइनों के कारण निर्माण बाधित था। साथ ही प्रयागराज में ऑडिटोरियम व कामकाजी महिलाओं के छात्रावास के लिए भी भूमि आवंटित।

मुख्य बातें

योगी कैबिनेट ने 27 अक्टूबर 2026 को सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी।
भूमि ग्राम सभा नौनेर, जनपद मैनपुरी से पुनर्ग्रहीत कर सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
परिसर में दो उच्चदाब विद्युत लाइनों के कारण मौजूदा भूमि का बड़ा हिस्सा निर्माण के लिए अनुपयुक्त था।
प्रयागराज के नजूल भूखंड की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम, प्रयागराज को ऑडिटोरियम व कामकाजी महिला छात्रावास निर्माण के लिए निःशुल्क आवंटित की गई।
प्रयागराज हस्तांतरण अपवादस्वरूप है और भविष्य के मामलों के लिए नज़ीर नहीं माना जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में सैनिक स्कूल, मैनपुरी के विकास के लिए एक अहम प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। ग्राम सभा नौनेर, तहसील एवं जनपद मैनपुरी की 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क पुनर्ग्रहीत कर सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित की जाएगी। इस निर्णय से स्कूल परिसर में कैडेटों और शिक्षण-शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

भूमि की आवश्यकता क्यों पड़ी

प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सैनिक स्कूल, मैनपुरी के मौजूदा परिसर के बीच से दो उच्चदाब विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, जिसके कारण परिसर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निर्माण कार्यों के लिए अनुपयुक्त हो गया है। इस बाधा के चलते स्कूल में भवन निर्माण और अवस्थापना विकास के कार्य लंबे समय से अटके हुए थे।

इसी बाधा को दूर करने के उद्देश्य से खाता संख्या 03560, गाटा संख्या 9470 मि. की 9.524 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। यह भूमि पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग के निवर्तन पर रखी जाएगी और तत्पश्चात् उसी विभाग के माध्यम से रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसाइटी को निःशुल्क सौंपी जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार यह हस्तांतरण दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में ग्राम सभा की भूमि का निःशुल्क पुनर्ग्रहण कर उसे माध्यमिक शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा। दूसरे चरण में माध्यमिक शिक्षा विभाग उसे सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तांतरित करेगा।

भूमि उपलब्ध होने के बाद मैनपुरी सैनिक स्कूल में कैडेटों के लिए खेल मैदान, छात्रावास, प्रशिक्षण सुविधाएँ और अन्य अवस्थापना विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक सुविधाएँ तैयार होंगी, जिससे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।

प्रयागराज को भी मिला भूमि आवंटन

इसी कैबिनेट बैठक में प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित नजूल भूखंड संख्या यूईए-3 (किताब घर) की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम, प्रयागराज को निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

यह भूमि नगर विकास विभाग के माध्यम से प्रभावी जिलाधिकारी सर्किल दर पर छूट देते हुए निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन आवंटित की जाएगी। इस भूखंड पर ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह हस्तांतरण अपवादस्वरूप है और इसे भविष्य में अन्य मामलों के लिए नज़ीर नहीं माना जाएगा।

आम जनता पर असर

मैनपुरी सैनिक स्कूल में अवस्थापना विकास से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर सैनिक स्कूलों के विस्तार और उन्नयन पर ज़ोर दे रही हैं।

प्रयागराज में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास की सुविधा शहरी क्षेत्र की उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जो रोज़गार के लिए अन्य जिलों या राज्यों से आती हैं। इन दोनों निर्णयों से प्रदेश के सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे में सार्थक जोड़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रशंसनीय है। लेकिन असली सवाल यह है कि भूमि हस्तांतरण के बाद निर्माण कार्य की समयसीमा और बजट आवंटन क्या होगा — इसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। देश भर में सैनिक स्कूलों के विस्तार की केंद्रीय नीति के तहत कई ऐसे स्कूल अवस्थापना की कमी से जूझ रहे हैं; अकेले भूमि उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही का तंत्र भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैनिक स्कूल मैनपुरी को कितनी भूमि मिलेगी और किसने दी?
उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने ग्राम सभा नौनेर, जनपद मैनपुरी की 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय को देने की मंजूरी दी है। यह निर्णय 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सैनिक स्कूल मैनपुरी को अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता क्यों पड़ी?
स्कूल के मौजूदा परिसर के बीच से दो उच्चदाब विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, जिससे परिसर का एक बड़ा हिस्सा निर्माण कार्यों के लिए अनुपयुक्त हो गया है। इस बाधा के चलते कैडेटों और कर्मचारियों के लिए आवश्यक अवस्थापना सुविधाएँ विकसित नहीं हो पा रही थीं।
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया क्या होगी?
पहले ग्राम सभा नौनेर की 9.524 हेक्टेयर भूमि का निःशुल्क पुनर्ग्रहण कर उसे माध्यमिक शिक्षा विभाग के निवर्तन पर रखा जाएगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग इसे सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय को निःशुल्क हस्तांतरित करेगा।
प्रयागराज में क्या निर्माण होगा और भूमि किसे मिली?
प्रयागराज के सिविल स्टेशन स्थित नजूल भूखंड यूईए-3 की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम, प्रयागराज को निःशुल्क आवंटित की गई है। इस पर ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।
नई भूमि मिलने के बाद मैनपुरी सैनिक स्कूल में क्या बदलेगा?
भूमि उपलब्ध होने के बाद कैडेटों के लिए छात्रावास, खेल मैदान और प्रशिक्षण सुविधाओं सहित विभिन्न अवस्थापना सुविधाएँ बनाई जाएंगी। शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक सुविधाएँ विकसित होंगी, जिससे शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से चल सकेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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