15 अगस्त 2026
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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: नई ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी, 31 मई तक होंगे राज्य कर्मियों के तबादले

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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: नई ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी, 31 मई तक होंगे राज्य कर्मियों के तबादले

सारांश

योगी कैबिनेट ने एक ही बैठक में ट्रांसफर, टेंडर, किसान मुआवजा और टेक्सटाइल पार्क से जुड़े बड़े फैसले किए। नई स्थानांतरण नीति 2026-27 के तहत 31 मई तक सभी तबादले अनिवार्य, मेरिट-आधारित ऑनलाइन प्रणाली से — यह पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्य बातें

नई स्थानांतरण नीति 2026-27 को मंजूरी; सभी ट्रांसफर 31 मई 2026 तक पूरे होंगे।
समूह 'क' व 'ख' के अधिकारियों का तबादला अनिवार्य यदि जनपद में 3 वर्ष या मंडल में 7 वर्ष पूरे हों।
समूह 'क' - 'ख' के ट्रांसफर अधिकतम 20% और समूह 'ग' - 'घ' के अधिकतम 10% की सीमा तक।
हाईटेंशन टावर के नीचे जमीन पर 200% और लाइन के नीचे 30% मुआवजा; किसानों को 21%-33% अधिक लाभ।
4 कताई मिलों की 251.8 एकड़ भूमि टेक्सटाइल पार्क के लिए निशुल्क हस्तांतरित।
लखनऊ में ₹546.51 करोड़ की सड़क परियोजना को मंजूरी; पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तक 6 लेन कनेक्टिविटी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार, 4 मई 2026 को लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नई स्थानांतरण नीति 2026-27 का रहा, जिसके तहत सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर 31 मई 2026 तक पूरे किए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को राहत, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए।

नई स्थानांतरण नीति 2026-27: मुख्य प्रावधान

कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नई ट्रांसफर पॉलिसी के अनुसार, समूह 'क' और 'ख' के ऐसे अधिकारी जिन्होंने किसी जनपद में 3 वर्ष या मंडल में 7 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा। मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अधिकतम अवधि 3 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि विभागाध्यक्ष या मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अवधि इस सीमा में नहीं जोड़ी जाएगी।

स्थानांतरण की संख्या पर भी सीमा तय की गई है। समूह 'क' और 'ख' के ट्रांसफर संवर्गवार कार्यरत अधिकारियों की संख्या के अधिकतम 20 प्रतिशत तक और समूह 'ग''घ' के कार्मिकों के ट्रांसफर कुल कार्यरत कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही किए जा सकेंगे।

समूह 'ख' और 'ग' के तबादले यथासंभव मेरिट आधारित ऑनलाइन प्रणाली से किए जाएंगे। समूह 'ग' में पटल/क्षेत्र परिवर्तन के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष प्रावधान के रूप में, दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को सुविधानुसार तैनाती और आकांक्षी जनपदों में प्राथमिकता पोस्टिंग का लाभ मिलेगा। स्थानांतरण सत्र के बाद समूह 'क' और 'ख' के ट्रांसफर के लिए मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य होगी।

पीडब्ल्यूडी में निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यों की गुणवत्ता सुधारने और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर रोक लगाने के लिए कैबिनेट ने निविदा निस्तारण की नई प्रक्रिया को मंजूरी दी। ₹5 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए एसबीडी और ₹5 करोड़ से कम के कार्यों के लिए टी-1टी-2 प्रणाली लागू होगी।

नई व्यवस्था के तहत 15 प्रतिशत से अधिक कम दर पर बोली लगाने वाले ठेकेदारों के चयन से पहले उनके निर्माणाधीन और पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता की जाँच अनिवार्य होगी। इसके अलावा, जिन ठेकेदारों का प्रदेश में पिछले दो वर्षों में कोई कार्य पूरा नहीं हुआ है, उनसे भी अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी ली जाएगी।

किसानों को हाईटेंशन लाइन मुआवजे में बड़ी राहत

कैबिनेट ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों के मुआवजे में उल्लेखनीय वृद्धि का निर्णय लिया। टावर के नीचे आने वाली जमीन पर अब 200 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा, जबकि लाइन के नीचे आने वाली जमीन पर 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। इस निर्णय से किसानों को कुल मिलाकर 21 प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक अधिक लाभ मिलेगा।

टेक्सटाइल और बुनियादी ढाँचे को बड़ा बढ़ावा

संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्कों के विकास के लिए 4 बंद कताई मिलों की 251.8 एकड़ भूमि का हस्तकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरण को मंजूरी दी गई। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही लखनऊ में आउटर रिंग रोड के रैथा अंडरपास से पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तक 6 लेन के निर्माण और आईआईएम से रैथा अंडरपास मार्ग के 2 लेन में चौड़ाकरण के लिए ₹546.51 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी गई। यह परियोजना टेक्सटाइल पार्क की कनेक्टिविटी बेहतर करेगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाएगी।

अन्य अहम फैसले

कैबिनेट ने 35 करोड़ पौधरोपण अभियान के लिए ₹147 करोड़ के बजट को मंजूरी दी। वन ट्रिलियन डॉलर सीएम फेलोशिप कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में एक ओटीडी फेलो (आर्थिक विकास) और एक ओटीडी फेलो (डेटा विश्लेषण) की तैनाती को भी हरी झंडी मिली। फिरोजाबाद में निजी अमरदीप विश्वविद्यालय की स्थापना और हाई कोर्ट रिसर्च एसोसिएट का कार्यकाल 2 वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम 3 वर्ष करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों से उत्तर प्रदेश में शासन, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — उत्तर प्रदेश में पिछली पॉलिसियों में भी ऐसे प्रावधान थे जो व्यवहार में राजनीतिक हस्तक्षेप से बाधित होते रहे। मुख्यमंत्री की अनिवार्य स्वीकृति का प्रावधान एक ओर जवाबदेही सुनिश्चित करता है, तो दूसरी ओर यह केंद्रीकरण को भी बढ़ाता है। पीडब्ल्यूडी की नई टेंडर प्रणाली में गुणवत्ता जाँच का प्रावधान सही दिशा में है, परंतु स्वतंत्र निरीक्षण तंत्र के बिना यह भी कागजी सुधार बनकर रह सकती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी की नई स्थानांतरण नीति 2026-27 क्या है?
यह उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा 4 मई 2026 को अनुमोदित नई ट्रांसफर पॉलिसी है, जिसके तहत सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 31 मई 2026 तक पूरे किए जाएंगे। समूह 'क' और 'ख' के तबादले मेरिट आधारित ऑनलाइन प्रणाली से होंगे और स्थानांतरण की संख्या पर स्पष्ट प्रतिशत सीमा तय की गई है।
किन अधिकारियों का ट्रांसफर अनिवार्य होगा?
समूह 'क' और 'ख' के वे अधिकारी जिन्होंने किसी जनपद में 3 वर्ष या मंडल में 7 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा। मंडलीय कार्यालय में तैनाती की अधिकतम अवधि 3 वर्ष निर्धारित की गई है।
हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा?
टावर के नीचे आने वाली जमीन पर 200 प्रतिशत और लाइन के नीचे आने वाली जमीन पर 30 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा। इससे किसानों को कुल मिलाकर 21 प्रतिशत से 33 प्रतिशत तक अधिक लाभ मिलेगा।
संत कबीर टेक्सटाइल पार्क योजना के तहत क्या फैसला हुआ?
कैबिनेट ने 4 बंद कताई मिलों की 251.8 एकड़ भूमि का हस्तकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरण को मंजूरी दी। इस भूमि पर प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।
लखनऊ में ₹546.51 करोड़ की सड़क परियोजना क्या है?
यह परियोजना आउटर रिंग रोड के रैथा अंडरपास से पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तक 6 लेन सड़क निर्माण और आईआईएम से रैथा अंडरपास मार्ग के 2 लेन में चौड़ाकरण से संबंधित है। इससे टेक्सटाइल पार्क की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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