यूपी के 1.28 लाख उच्च शिक्षा शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कवच, 26 जुलाई से योगी सरकार की नई योजना लागू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 जुलाई 2026 को आगरा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे, जिससे प्रदेश के 1.28 लाख से अधिक उच्च शिक्षा शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार का अधिकार मिलेगा। यह योजना विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को एकसमान स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का अब तक का सबसे व्यापक कदम है।
योजना में क्या मिलेगा
योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। कार्ड बनने के पहले दिन से ही निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया जा सकेगा — अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उपचार, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का पूरा खर्च योजना के तहत वहन किया जाएगा। 1,900 से अधिक उपचार पैकेजों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और जटिल सर्जरी सहित अनेक गंभीर बीमारियाँ शामिल हैं।
योजना का संचालन साचीज (State Agency for Comprehensive Health & Integrated Services) के माध्यम से किया जाएगा और आयुष्मान भारत की निर्धारित उपचार दरें ही लागू होंगी, जिससे उपचार की लागत पर एकरूपता बनी रहेगी।
पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू
कार्यक्रम के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू का भी आदान-प्रदान होगा, जो शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को और विस्तार देगा। इस एमओयू के तहत मिलने वाली सुविधाएँ इस प्रकार हैं:
₹1.50 करोड़ तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, ₹3 करोड़ तक का हवाई दुर्घटना बीमा, ₹60,000 तक का अस्पताल नकद लाभ, तथा ₹12 लाख तक का टर्म लाइफ बीमा। यह वित्तीय सुरक्षा कवच शिक्षकों के परिवारों को किसी अनहोनी की स्थिति में आर्थिक संकट से बचाने में सहायक होगा।
मौजूदा समस्या और नई व्यवस्था
गौरतलब है कि वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण इलाज का पूरा आर्थिक भार शिक्षकों को स्वयं उठाना पड़ता था। यह स्थिति विशेष रूप से अशासकीय और स्ववित्तपोषित संस्थाओं के शिक्षकों के लिए कठिन थी, जिनके पास सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। नई योजना इस दीर्घकालिक असमानता को दूर करने का प्रयास है।
सरकार का पक्ष
योगी सरकार का मानना है कि शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है। राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल शिक्षक कल्याण और उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार के लिए लगातार नई नीतियाँ लागू कर रहा है।
आगे क्या होगा
26 जुलाई के शुभारंभ के बाद पात्र शिक्षकों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी और कार्ड मिलते ही पहले दिन से लाभ लेने की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के सुचारु संचालन के लिए साचीज के माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। शिक्षक संगठनों की ओर से इस पहल का स्वागत किए जाने की संभावना है, हालाँकि क्रियान्वयन की गति और कार्ड वितरण की प्रक्रिया पर सभी की नज़र रहेगी।