18 अगस्त 2026
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योगी सरकार का पीआरडी जवानों को तोहफा: ड्यूटी भत्ता ₹600, 31 हजार स्वयंसेवकों को ₹5 लाख का कैशलेस इलाज

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योगी सरकार का पीआरडी जवानों को तोहफा: ड्यूटी भत्ता ₹600, 31 हजार स्वयंसेवकों को ₹5 लाख का कैशलेस इलाज

सारांश

योगी सरकार ने गोरखपुर में पीआरडी सम्मेलन के दौरान दो बड़े ऐलान किए — ड्यूटी भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600 और 31 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज। 2019 से अब तक भत्ते में 140% की वृद्धि हो चुकी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त को गोरखपुर में पीआरडी जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600 करने की घोषणा की।
31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को सरकारी व सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
भत्ते का इतिहास: 2019 में ₹250 से ₹375, 2022 में ₹395, 2025 में ₹500, अब ₹600 प्रतिदिन ।
मुख्यमंत्री ने पीआरडी जवानों को मेट्रो सुरक्षा, एयरपोर्ट सुरक्षा और सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा जैसे नए दायित्व देने का सुझाव दिया।
प्रदेश के 56 जिलों में पुलिस कार्मिकों के लिए आधुनिक आवासीय भवन निर्माणाधीन हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अगस्त 2026 को गोरखपुर में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) सम्मेलन में जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते को ₹500 से बढ़ाकर ₹600 प्रतिदिन करने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश के 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख तक के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

भत्ते में बढ़ोतरी का इतिहास

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 तक पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी के लिए मात्र ₹250 प्रतिदिन का भत्ता मिलता था। उनकी सरकार ने 2019 में इसे ₹375, 2022 में ₹395 और 2025 में ₹500 किया। अब यह भत्ता ₹600 प्रतिदिन कर दिया गया है — यानी सात वर्षों में भत्ते में 140 प्रतिशत की वृद्धि।

कैशलेस चिकित्सा योजना की मुख्य बातें

नई कैशलेस चिकित्सा सुविधा के अंतर्गत 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक और उनके परिजन सरकारी अथवा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक का इलाज निःशुल्क करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस योजना को पीआरडी परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह सुविधा स्वयंसेवकों की सेवाओं, अनुशासन और सेवाभाव के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है।

पीआरडी की बढ़ती भूमिका

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने पीआरडी जवानों की जिम्मेदारियों का दायरा लगातार बढ़ाया है। पहले जहाँ जवानों को पर्याप्त ड्यूटी नहीं मिलती थी, वहीं अब स्थिति यह है कि प्रदेश में पीआरडी जवान ड्यूटी के लिए कम पड़ जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन स्वयंसेवकों को यातायात व्यवस्था, मेट्रो सुरक्षा, एयरपोर्ट सुरक्षा, विभिन्न सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा और पैमाइश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाने चाहिए।

पुलिस अवसंरचना में सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 56 जिलों में पुलिस कार्मिकों के लिए आधुनिक आवासीय भवन तैयार किए जा रहे हैं, जो संबंधित जिले की सबसे ऊँची इमारतों में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षाकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण, सम्मान और सुविधाएँ देने की सोच का परिणाम है।

विपक्ष पर निशाना और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में प्रदेश का विकास नहीं हुआ और 'सैफई सिंडिकेट' के इर्द-गिर्द संसाधनों का केंद्रीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि माफिया को संरक्षण देने की प्रवृत्ति के कारण उत्तर प्रदेश जैसा समृद्ध राज्य बीमारू राज्यों की श्रेणी में पहुँच गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में अर्जित अवैध संपत्ति दुबई सहित विदेशों में जमा कराई गई। मुख्यमंत्री ने पीआरडी स्वयंसेवकों से ईमानदारी, अनुशासन और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज स्थापित हो चुका है और सरकार विकास व सुरक्षा के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ₹600 प्रतिदिन का भत्ता अभी भी न्यूनतम मज़दूरी के आसपास ही है — यह सवाल उठता है कि क्या यह वृद्धि महँगाई के अनुपात में पर्याप्त है। गौरतलब है कि पीआरडी स्वयंसेवक नियमित पुलिस बल की तरह ही संवेदनशील ड्यूटियाँ निभाते हैं, लेकिन उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारियों जैसी सुरक्षा नहीं मिलती। कैशलेस योजना की असली परीक्षा इसके क्रियान्वयन में होगी — सूचीबद्ध अस्पतालों की उपलब्धता और दावा निपटान की गति यह तय करेगी कि यह घोषणा ज़मीन पर कितनी कारगर साबित होती है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीआरडी जवानों का नया ड्यूटी भत्ता कितना होगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुसार पीआरडी जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600 प्रतिदिन कर दिया गया है। यह वृद्धि 18 अगस्त 2026 को गोरखपुर में आयोजित पीआरडी सम्मेलन में घोषित की गई।
पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना में क्या सुविधा मिलेगी?
इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक और उनके परिवार सरकारी अथवा सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख तक का इलाज कैशलेस तरीके से करा सकेंगे। यह सुविधा स्वयंसेवकों की सेवाओं के प्रति सरकार की ओर से दी जा रही है।
पीआरडी भत्ते में 2019 से अब तक कितनी बढ़ोतरी हुई है?
2019 तक पीआरडी जवानों को ₹250 प्रतिदिन मिलते थे। योगी सरकार ने 2019 में इसे ₹375, 2022 में ₹395, 2025 में ₹500 और अब 2026 में ₹600 किया है — यानी सात वर्षों में 140% की वृद्धि।
पीआरडी स्वयंसेवकों को कौन-कौन सी नई ज़िम्मेदारियाँ दी जा सकती हैं?
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि पीआरडी जवानों को यातायात व्यवस्था, मेट्रो सुरक्षा, एयरपोर्ट सुरक्षा, सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा और पैमाइश के दौरान सुरक्षा जैसे दायित्व सौंपे जाने चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि जवान इन जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।
उत्तर प्रदेश में पुलिस अवसंरचना के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के 56 जिलों में पुलिस कार्मिकों के लिए आधुनिक आवासीय भवन बनाए जा रहे हैं, जो संबंधित जिले की सबसे ऊँची इमारतों में शामिल होंगी। यह कदम सुरक्षाकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण और सुविधाएँ देने की दिशा में उठाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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