यूपी पीआरडी जवानों को योगी सरकार की सौगात: ड्यूटी भत्ता ₹600, ₹5 लाख कैशलेस इलाज और नई बैरक
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अगस्त 2025 को गोरखपुर में आयोजित एक सम्मेलन में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए कई अहम कल्याण घोषणाएँ कीं। इनमें दैनिक ड्यूटी भत्ते को ₹500 से बढ़ाकर ₹600 करना, परिवार सहित ₹5 लाख तक की वार्षिक कैशलेस चिकित्सा सुविधा और लखनऊ में ₹23 करोड़ की लागत से बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास शामिल है। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते में यह चौथी बढ़ोतरी है।
मुख्य घोषणाएँ और उनका विवरण
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के दौरान 'मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना' का विधिवत शुभारंभ किया और लाभार्थी जवानों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड वितरित किए। इस योजना के तहत पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस उपचार मिल सकेगा। ड्यूटी भत्ते में ₹100 प्रतिदिन की वृद्धि से जवानों की मासिक आय में भी उल्लेखनीय इज़ाफा होगा।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने लखनऊ में लगभग ₹23 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक की आधारशिला रखी, जिसे जवानों की आवासीय और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
जवानों की प्रतिक्रिया
पीआरडी जवान उमेश कुमार ने घोषणाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों कैशलेस बीमा कार्ड प्राप्त करना और दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी उनके लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने बताया कि पहले ₹500 प्रतिदिन मिलने वाला भत्ता अब ₹600 हो गया है। उमेश कुमार ने कहा, 'सपने में भी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात और बातचीत का मौका मिलेगा।'
पीआरडी जवान अनामिका वर्मा ने भी इन घोषणाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार पीआरडी विभाग के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और ₹5 लाख तक की कैशलेस उपचार सुविधा केवल जवानों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए है। उनके अनुसार इस निर्णय से जवानों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक चिंता से बड़ी राहत मिलेगी।
पीआरडी जवानों की भूमिका और कार्यक्षेत्र
प्रांतीय रक्षक दल के जवान यातायात प्रबंधन, चौराहों की निगरानी और विभिन्न सरकारी आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी तैनाती राज्यभर में होती है और ये अर्धसैनिक स्वयंसेवक बल के रूप में कार्य करते हैं। गौरतलब है कि पीआरडी जवानों को नियमित पुलिस बल की तुलना में कम सुविधाएँ मिलती रही हैं, जिसे देखते हुए ये घोषणाएँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
आम जनता और जवानों पर असर
कैशलेस चिकित्सा योजना से पीआरडी जवानों के परिवारों को अस्पताल में नकद भुगतान की बाधा से मुक्ति मिलेगी, जो प्रायः निम्न-मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि से आते हैं। ड्यूटी भत्ते में 20 प्रतिशत की वृद्धि उनकी क्रय शक्ति को भी सीधे प्रभावित करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अपने अर्धसैनिक बलों के मनोबल और कार्यदशाओं को सुधारने पर ज़ोर दे रही है।
क्या होगा आगे
लखनऊ में प्रस्तावित बहुमंजिला पीआरडी बैरक के निर्माण की समयसीमा और अन्य तकनीकी विवरण अभी सामने आने बाकी हैं। कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन की निगरानी और अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार आगे की प्राथमिकताओं में होगा। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में पीआरडी जवानों के भत्ते में यह चौथी बढ़ोतरी है, जो दर्शाती है कि सरकार इस बल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नियमित रूप से नवीनीकृत कर रही है।