पीएम पोषण की ३.५४ लाख रसोइयों को कैशलेस मेडिकल कार्ड, सीएम योगी ने लखनऊ में किया सम्मान समारोह का शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इन रसोइया माताओं-बहनों को योजना की 'वास्तविक आधारशक्ति' बताते हुए कहा कि यह पहल सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री का संदेश और कार्यक्रम का महत्व
मुख्यमंत्री योगी ने सामाजिक मंच एक्स पर लिखा कि 'विद्यालय की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता — वह लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है।' उन्होंने इन कर्मयोगी रसोइयों के योगदान को 'डबल इंजन सरकार' की कृतज्ञता का विषय बताया।
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों मंच पर 11 रसोइयों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जबकि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1,500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।
कैशलेस चिकित्सा कार्ड: क्या है प्रावधान
प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों को दिए जाने वाले ये कैशलेस चिकित्सा कार्ड उन्हें बिना नकद भुगतान के स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त करने में सक्षम बनाएँगे। यह कदम उन महिला कर्मियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो न्यूनतम मानदेय पर काम करते हुए लाखों विद्यार्थियों का पोषण सुनिश्चित करती हैं।
गौरतलब है कि पीएम पोषण योजना (पूर्व में मिड-डे मील योजना) के तहत सरकारी, परिषदीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में ये रसोइयाँ प्रतिदिन करोड़ों बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं।
जनपद व तहसील स्तर पर एक साथ आयोजन
23 अगस्त को राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपद एवं तहसील स्तरों पर भी एक साथ रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए गए। इनमें सांसद, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए।
जिला प्रशासन को उपलब्ध सभागारों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने तथा रसोइयों के सम्मान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इस प्रकार एक ही दिन पूरे प्रदेश में रसोइयों के सम्मान का संदेश एक साथ पहुँचाने की योजना बनाई गई।
आम जनता और रसोइयों पर असर
यह पहल उन लाखों महिलाओं के जीवन को सीधे प्रभावित करती है जो वर्षों से विद्यालयों में पोषण सेवा देती आ रही हैं, लेकिन उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा अब तक सीमित थी। कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से इन महिला कर्मियों को बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें महिला कार्यबल की सामाजिक सुरक्षा को नीतिगत प्राथमिकता दे रही हैं। पीएम पोषण योजना को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने में रसोइयों की भूमिका को सार्वजनिक पहचान देना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे की राह
राज्य सरकार के इस कदम के बाद यह देखना होगा कि कैशलेस चिकित्सा कार्डों का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी होता है और क्या दूरदराज के जनपदों में भी रसोइयों को इसका लाभ समय पर मिल पाता है। प्रदेशभर में एक साथ आयोजित सम्मान समारोहों की यह श्रृंखला सरकार की उस मंशा को दर्शाती है कि अदृश्य श्रम को दृश्यमान सम्मान मिले।