क्या तकनीक की मदद से आम के बागवानों ने किया शानदार प्रदर्शन?

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क्या तकनीक की मदद से आम के बागवानों ने किया शानदार प्रदर्शन?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025’ का उद्घाटन किया, जिसमें 800 से अधिक आम की किस्मों की प्रदर्शनी हुई। उन्होंने बागवानों की तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की और बताया कि यह महोत्सव किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगा।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025 में 800 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गईं।
सीएम योगी ने बागवानों की तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की।
आम महोत्सव का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है।
सरकार ने बागवानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रदान किया है।
बागवानों को फूड प्रोसेसिंग अपनाने का आह्वान किया गया है।

लखनऊ, 4 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम, अवध विहार योजना, सेक्टर 9 में तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025’ का उद्घाटन किया। इस महोत्सव में देशभर से चुने गए 800 से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान खींचा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारे बागवानों ने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि की चुनौतियों के बावजूद तकनीक का उपयोग कर शानदार प्रदर्शन किया है। ढाई से तीन किलो के आमों की किस्में देखकर लोग आश्चर्यचकित होते हैं, जो न केवल स्वाद में अद्वितीय हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आम महोत्सव केवल किसानों की आय बढ़ाने का एक साधन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। आम उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए लखनऊ, अमरोहा, सहारनपुर और वाराणसी में चार आधुनिक पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इन पैक हाउसों के माध्यम से आम की गुणवत्ता, वैरायटी और निर्यात मानकों की जानकारी किसानों को दी जाती है। आम महोत्सव न केवल आम उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देता है, बल्कि बागवानों में औद्यानिक फसलों, नवीनतम तकनीक और वैश्विक बाजारों के प्रति विश्वास जगाने का भी माध्यम है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि डबल इंजन सरकार की डबल इंजन नीति ने औद्यानिक फसलों के निर्यात को कई गुना बढ़ा दिया है। इस महोत्सव के दौरान दो देशों के लिए आमों का एयर कार्गो भेजा गया, जिसमें सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी ने बागवानों को बेहतर मूल्य दिलाने में सहायता की।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव में सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और लखनऊ की दशहरी, वाराणसी का लंगड़ा, गोरखपुर का गवर्जीत, बस्ती का आम्रपाली, मेरठ और बागपत का रटोल जैसी किस्मों की जानकारी ली। उन्होंने बागवानों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और तकनीकी नवाचार ने उत्तर प्रदेश को औद्यानिक फसलों का केंद्र बना दिया है। योगी सरकार ने बागवानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाजार की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिससे उनकी आय कई गुना बढ़ी है।

सीएम योगी ने बताया कि एक समय उत्तर प्रदेश की जीडीपी में कृषि और औद्यानिक फसलों का योगदान 25-30 प्रतिशत था। आज सरकार की नीतियों ने इस क्षेत्र को और मजबूत किया है। अर्जुन सहायक, बांध सागर और सरयू नहर जैसी परियोजनाओं ने बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जल की समस्या का समाधान किया है। परिणामस्वरूप, जहां पहले एक या दो फसलें होती थीं, वहां अब किसान तीन फसलें ले रहे हैं।

उन्होंने हरदोई, कानपुर और औरैया के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मक्का की खेती से किसान प्रति एकड़ 1 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं। सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों और एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया है। गन्ना, मक्का और औद्यानिक फसलों में नए बीज और तकनीकों का उपयोग किसानों की आय को बढ़ा रहा है। 2017 में जहां 5 करोड़ पौधों का रोपण एक चुनौती थी, वहीं अब 9 जुलाई 2025 को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 50 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश की प्रगति और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। महोत्सव में संगोष्ठियों, प्रगतिशील किसानों के अनुभव साझा करने और बायर्स-सेलर्स मीट का आयोजन किया जाएगा।

सीएम योगी ने सुझाव दिया कि कमिश्नरी स्तर पर भी ऐसे आयोजन होने चाहिए, ताकि स्थानीय बागवान अपनी फसलों की प्रदर्शनी और बिक्री कर सकें। उन्होंने बागवानों से हल्दी, अदरक और अन्य औद्यानिक फसलों के साथ फूड प्रोसेसिंग को अपनाने का आह्वान किया, ताकि उनकी आय को और बढ़ाया जा सके। यह महोत्सव बागवानों, किसानों और उत्तर प्रदेश की प्रगति को वैश्विक मंच पर लाने का एक शानदार अवसर साबित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि किसानों की आय में वृद्धि का भी एक साधन है। सरकार की नीतियों ने इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025 कब और कहाँ आयोजित किया गया?
उत्तर प्रदेश आम महोत्सव 2025 का आयोजन 4 जुलाई को लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम में किया गया।
इस महोत्सव में कितनी आम की किस्में प्रदर्शित की गईं?
इस महोत्सव में 800 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गईं।
सीएम योगी ने बागवानों की किस बात की सराहना की?
सीएम योगी ने बागवानों की तकनीकी उपलब्धियों और जलवायु परिवर्तन के बावजूद उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
आम महोत्सव का उद्देश्य क्या है?
आम महोत्सव का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करना है।
सरकार ने बागवानों के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं?
सरकार ने बागवानों को सब्सिडी, प्रशिक्षण और बाजार की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
राष्ट्र प्रेस