राजभर का विपक्ष पर तंज: '2014 में चुनाव आयोग कांग्रेस की मुट्ठी में था, तो मोदी PM कैसे बने?'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 7 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया। राजभर ने सीधे सवाल उठाया कि यदि 2014 से पहले चुनाव आयोग कांग्रेस की 'मुट्ठी में' था, तो उसी आयोग ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री कैसे बना दिया।
राजभर का सीधा सवाल
राजभर ने तंज कसते हुए कहा, 'साल 2014 से पहले पूरे देश के सिस्टम पर कांग्रेस का कब्जा था। चुनाव आयोग कांग्रेस की मुट्ठी में था, तो अगर ऐसा था तो चुनाव आयोग और कांग्रेस पार्टी ने मिलकर साल 2014 में पीएम मोदी को प्रधानमंत्री कैसे बना दिया?' उनका यह बयान इंडिया गठबंधन द्वारा 'वोट चोरी' के आरोपों और चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोपों के जवाब में आया।
समाजवादी पार्टी और योगी सरकार पर निशाना
सुभासपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी समान तर्क से हमला बोला। उन्होंने कहा, '2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का पूरे सिस्टम पर कब्जा था। तो क्या अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मिलकर अपने सिस्टम से योगी को मुख्यमंत्री बना दिया?' राजभर ने यह भी कहा कि अखिलेश की सत्ता को लगभग 10 साल बीत चुके हैं, इसलिए मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आरोप बेबुनियाद हैं, जो स्वयं मात्र दो वर्षों से इस पद पर हैं।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस दावे पर कि उन्हें चुनाव आयुक्त से मिलने नहीं दिया जा रहा, राजभर ने कहा, 'मिलने का टाइम मांग लें, मिल जाएगा। मिलने का सिस्टम है, आप नोटिस दीजिए कि हम मिलना चाहते हैं, चुनाव आयोग आपसे मिल लेगा। बाहर बोलने से थोड़े ही मिलेगा।' उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अपनी हार को पहले से स्वीकार कर चुका है और जनता को भ्रमित करने के लिए 'ड्रामा' कर रहा है।
सपा प्रत्याशी न उतारने पर बड़ा दावा
सपा की चुनावी रणनीति और अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट 'बात तीन की नहीं, बात चार सौ तीन की है' पर राजभर ने आरोप लगाया कि सपा ने प्रत्याशी इसलिए नहीं उतारा क्योंकि उसे क्रॉस वोटिंग का डर था। गौरतलब है कि यह आरोप राजभर ने किसी साक्ष्य के बिना लगाया है, इसलिए यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक दावा माना जाना चाहिए।
सैफई महोत्सव और योगी के बयान का समर्थन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'पहले परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान था' वाले बयान का राजभर ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में 5-6 घंटे बिजली मिलती थी, जबकि सैफई में 24 घंटे बिजली रहती थी और राज्य के विकास का पैसा वहाँ महोत्सव पर खर्च होता था। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल गर्म है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है।