ओपी राजभर का राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तंज: 'गड़बड़ियाँ हैं तो इस्तीफा दें'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 17 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने कहा कि यदि दोनों नेताओं का दावा है कि चुनाव व्यवस्था में गड़बड़ियाँ हैं और वोट चुराए जा रहे हैं, तो उन्हें उसी व्यवस्था के तहत जीती गई अपनी संसदीय सीटों से इस्तीफा दे देना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं पर विरोधाभास का आरोप
राजभर ने कहा, 'राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। वे उसी चुनाव आयोग के तहत सांसद बने, जिसकी वे अब आलोचना कर रहे हैं। अगर उनका दावा है कि गड़बड़ियाँ हो रही हैं और वोट चुराए जा रहे हैं, तो उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे भी इसी व्यवस्था के तहत चुनाव जीते थे। हालाँकि, वे इस्तीफा देने की बात से पीछे हट रहे हैं।' यह तंज ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता रहा है।
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी के बयान का समर्थन
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा, 'वे सही कह रहे हैं। जिस तरह अखिलेश यादव दूसरों की कही बातों पर चलते रहते हैं और अपने ही बयानों पर कायम नहीं रहते, राहुल गांधी भी बिल्कुल वैसा ही करते हैं। वे गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम करते हैं और उनके सभी कदम देश के खिलाफ होते हैं।' राजभर ने अखिलेश यादव की दिनचर्या पर भी कटाक्ष किया और कहा, 'अखिलेश यादव 12 बजे सोकर उठते हैं और उनको एक्स पर पोस्ट करना होता है। इसके बाद उनको 'पीसी' करना होता है। इसके अलावा उनके पास कोई काम नहीं है।'
अभिजीत दिपके की हिरासत पर प्रतिक्रिया
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने के मामले पर राजभर ने कहा, 'अगर कोई बिना अनुमति काम करेगा तो कानून अपना काम करता है। बिना अनुमति के कोई भी यात्रा या जुलूस निकाला जाएगा तो पुलिस गिरफ्तार करेगी।' उनका यह बयान कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के रुख को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह के आरोप पर समर्थन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा राहुल गांधी पर छात्रों को भड़काने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर राजभर ने कहा, 'जिसकी उम्र 25 वर्ष से ज़्यादा है, उसको पता है कि क्या काम हो रहा है और जिनकी उम्र 25 वर्ष से कम है, उनको उकसाकर ये लोग माहौल खड़ा करना चाहते हैं। यहाँ कानून का राज है, किसी को सफलता नहीं मिलेगी।'
अति पिछड़ों के साथ विश्वासघात का आरोप
राजभर ने सपा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) तीनों पर अति पिछड़ा वर्ग के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्यसभा सीट आवंटन का हवाला देते हुए कहा, 'समाजवादी पार्टी के पास कोई दूसरी जाति का नेता नहीं था? एक सीट परिवार को दी और दूसरी सीट 'धन्नासेठ' को दे दी। 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' कर दिया।' गौरतलब है कि राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयानबाज़ी उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की राजनीति को लेकर आने वाले समय में तेज़ होती प्रतिस्पर्धा का संकेत है।