ओपी राजभर का तंज: 'सपा इस जन्म में तैयारी बंद करे, अगले जन्म में लड़ाई की सोचे'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 25 अगस्त 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेता अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा को इस जन्म में चुनावी तैयारी छोड़ देनी चाहिए और अगले जन्म में लड़ाई की बात करनी चाहिए। राजभर ने एक साथ कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।
सपा और ओवैसी पर निशाना
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, 'समाजवादी पार्टी को इस जन्म में तैयारी बंद कर देनी चाहिए; उसको अगले जन्म में लड़ाई की बात करनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि असदुद्दीन ओवैसी खुद ही सपा की हवा निकाल रहे हैं और अखिलेश यादव के बयानों का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं रह गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी दलों की गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।
राहुल गांधी और चुनाव आयोग पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान का समर्थन करते हुए राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी के बयान दो तरह के होते हैं — जब वह भारत में रहते हैं तो भारत को ही कटघरे में खड़ा करते हैं, और जब चुनाव आयोग के ज़रिए चुनाव जीतते हैं तो चुनाव आयोग को ही कटघरे में खड़ा करते हैं।' गौरतलब है कि विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।
महंगाई और सब्ज़ियों के दाम
बारिश के मौसम में सब्ज़ियों की बढ़ती कीमतों पर राजभर ने कहा कि सरकार का विरोध करना विपक्ष का स्वाभाविक काम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरसात के सीजन में खेतों में पानी भरने से सब्ज़ियों की आवक घट जाती है और माँग अधिक रहने से दाम बढ़ते हैं — यह हर साल की प्रक्रिया है। उन्होंने स्कूल ड्रेस के मुद्दे पर भी कहा कि जहाँ निजी स्कूलों ने अपनी अलग-अलग वर्दी तय की है, वहीं सरकार ने सरकारी स्कूलों के लिए भी एक समान ड्रेस निर्धारित की है।
एक वोटर लिस्ट के सवाल पर प्रतिक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने एक वोटर लिस्ट को संभव नहीं बताया था, राजभर ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष का कोई भी व्यक्ति पंचायत और लोकसभा — दोनों चुनावों में मतदान करता है, इसलिए एकल मतदाता सूची क्यों नहीं बन सकती। यह बयान 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की बहस के व्यापक संदर्भ में महत्त्वपूर्ण है।
स्कूलों के पुनर्निर्माण की योजना
राजभर ने बताया कि राज्य सरकार 2,243 प्राइमरी और 883 अपर-प्राइमरी स्कूलों की जर्जर इमारतों को गिराकर उनकी जगह नई इमारतें बनाने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने इसे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया। आने वाले महीनों में इस प्रस्ताव पर अमल की दिशा में सरकार की कार्रवाई देखने वाली होगी।