29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर प्रहार: '2017 में हारे, 2022 में पिटे, 2027 में सपा सफाचट होगी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर प्रहार: '2017 में हारे, 2022 में पिटे, 2027 में सपा सफाचट होगी'

सारांश

सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को 'राजा बाबू' कहकर निशाना साधा और 2027 में सपा के 'सफाचट' होने का दावा किया। बहुजन जातियों पर हमले के आरोपों के साथ यह बयान यूपी की चुनावी बिसात पर नई हलचल का संकेत है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 29 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
राजभर ने दावा किया कि सपा 2017 में हारी, 2022 में पिटी और 2027 में 'सफाचट' होगी।
उन्होंने पाल, प्रजापति, राजभर, निषाद सहित 13 बहुजन जातियों को सपा का 'सॉफ्ट टारगेट' बताया।
सपा समर्थकों पर जमीन-घर कब्जाने और हिंसा की साजिश के आरोप लगाए — ये राजभर के अपने दावे हैं, स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने 29 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए यह हमला किया, जिसमें उन्होंने बहुजन जातियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।

एक्स पर क्या लिखा राजभर ने

ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को 'राजा बाबू' संबोधित करते हुए कहा, 'सुनिये, राजा बाबू उर्फ अखिलेश यादव जी! जान रहा हूं कि आपके समर्थकों का एक वर्ग अपनी लाठी को तेल पिला रहा है, तो दूसरा चाकू और तलवार में धार।' उन्होंने आरोप लगाया कि सपा समर्थक पिछले लगभग दस वर्षों से सत्ता परिवर्तन का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि 'गुंडे-मवाली-माफिया थानों को कब्जा कर लें।'

बहुजन जातियों पर हमले का आरोप

राजभर ने सपा पर विशेष रूप से पिछड़ी और बहुजन जातियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, लोनिया, फकीर और बंजारा जैसी जातियाँ सपा का 'सबसे सॉफ्ट टारगेट' होंगी। उनके अनुसार, इन समुदायों की संपत्तियों पर कब्जे और उनके घरों को नुकसान पहुँचाने की साजिशें रची जा रही हैं — हालाँकि ये सभी आरोप राजभर के अपने दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

2027 चुनाव को लेकर चेतावनी

राजभर ने दो-टूक शब्दों में कहा, 'सुन लो, अखिलेश जी! हम बहुजन जातियों के लोग अपने घरों को लुटवाने, जमीनों को कब्जा करवाने और अपनों की हत्या करवाने का मौका आपको कतई नहीं देने वाले।' उन्होंने सपा के चुनावी इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी 2017 में हारी, 2022 में पराजित हुई और अब 2027 में उसका सफाया तय है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ होने लगी हैं।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर पहले सपा के साथ गठबंधन में रह चुके हैं और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में शामिल हो गए। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अखिलेश यादव पर इस तरह के आरोप लगाए हों — वे अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सभी दलों की रणनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो रही है।

आगे क्या

सपा की ओर से राजभर के इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी 2027 की चुनावी तैयारियों का हिस्सा है, जिसमें पिछड़ी जातियों को लामबंद करने की कोशिश साफ दिखती है। आने वाले महीनों में इस तरह के राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही आज NDA की छतरी तले बहुजन जातियों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं — यह विरोधाभास खुद एक कहानी है। मुख्यधारा की कवरेज बयान की तीखी भाषा पर ठहर जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राजभर की जातीय लामबंदी 2027 में ज़मीन पर असर दिखाएगी, या यह केवल चुनाव-पूर्व शोर है। 2022 में NDA के साथ रहते हुए भी सुभासपा का प्रदर्शन सीमित रहा था — इसलिए इस बार के दावों को इतिहास की कसौटी पर परखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सपा समर्थक सत्ता मिलने पर बहुजन जातियों की संपत्तियों पर कब्जा करेंगे और हिंसा फैलाएंगे। उन्होंने पाल, प्रजापति, राजभर, निषाद सहित 13 जातियों को सपा का 'सॉफ्ट टारगेट' बताया — हालाँकि ये सभी उनके अपने दावे हैं।
राजभर ने 2027 के चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी 2017 और 2022 की तरह 2027 में भी हारेगी और इस बार 'सफाचट' हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बहुजन जातियाँ सपा को सत्ता में आने का मौका नहीं देंगी।
ओपी राजभर कौन हैं और उनका सपा से क्या रिश्ता रहा है?
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। वे पहले सपा के साथ गठबंधन में रह चुके हैं और बाद में NDA में शामिल हो गए।
सपा ने राजभर के बयान पर क्या कहा?
राजभर की पोस्ट के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों अहम है?
2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में पिछड़ी और बहुजन जातियों को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। राजभर का यह बयान जातीय लामबंदी की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले