20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: ‘सपा पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएगी, विधानसभा तो दूर’

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: ‘सपा पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएगी, विधानसभा तो दूर’

सारांश

यूपी के मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया — दावा किया कि सपा अब पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएगी। गैर-यादव ओबीसी और दलित वोटबैंक का ज़िक्र और ‘विक्टिम कार्ड’ के आरोप के साथ यह हमला 2027 यूपी चुनाव की ज़मीन तैयार करता दिख रहा है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 4 जून को X पर पोस्ट कर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने दावा किया कि सपा विधानसभा तो दूर, पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएगी।
राजभर ने अखिलेश के भाई के कथित लंदन दौरे और सपा कार्यकर्ताओं पर भी तंज कसा।
सपा पर ‘लोमड़ी जैसी चालाकी’ और असद, दिनेश यादव, मुबीन जैसे मामलों में ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने का आरोप।
राजभर का दावा — इस बार गैर-यादव ओबीसी और दलित वर्ग ने मन बना लिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार, 4 जून को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला और दावा किया कि सपा अब विधानसभा तो दूर, पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएगी। राजभर ने यह बयान लखनऊ से सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए दिया, जिसमें उन्होंने अखिलेश की रणनीति और सपा कार्यकर्ताओं दोनों को निशाने पर लिया।

क्या लिखा राजभर ने पोस्ट में

राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘आप कितने भी पैंतरे और हथकंडे अपना लें... प्रधान जी तो प्रधान ही रहेंगे। अपने एसपी वाले गुंडों को यह बात अच्छी तरह समझा देना कि विधानसभा चुनाव तो दूर की बात है, अब तुम लोग पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाओगे।’ ‘प्रधान जी’ का यह संदर्भ स्पष्ट तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा माना जा रहा है।

अखिलेश के भाई के लंदन दौरे पर तंज

सुभासपा प्रमुख ने अखिलेश यादव के भाई के कथित लंदन दौरे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने सुझाव दिया कि सपा कार्यकर्ता उनका ‘सूटकेस, बैग और हैंडबैग उठाकर एयरपोर्ट तक ले जाएँ’, जहाँ उन्हें कथित तौर पर ‘कुछ बढ़िया नंबर’ मिल सकते हैं। राजभर ने व्यंग्य में जोड़ा कि इसके बाद कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर पोस्ट करें कि ‘आज मुझे भैया जी का बैग उठाने का सौभाग्य मिला।’

‘एसी हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस तक करने की स्थिति में नहीं’

मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव फ़िलहाल एयर कंडीशंड हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की स्थिति में भी नहीं हैं, क्योंकि उनके ‘अपने लोग घोटालों में फँसे हैं’ और योगी आदित्यनाथ सरकार की पुलिस उन मामलों की पड़ताल कर रही है। राजभर का दावा है कि अगर अखिलेश प्रेस के सामने आएँगे तो मीडिया कड़े सवाल पूछना शुरू कर देगा।

‘लोमड़ी जैसी चालाकी’ और जातीय समीकरण पर निशाना

राजभर ने सपा पर ‘लोमड़ी जैसी चालाकी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के लोग असद, दिनेश यादव और मुबीन जैसे मामलों में तुरंत ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने लगते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गैर-यादव ओबीसी और दलित समुदायों का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि इस बार इन वर्गों ने मन बना लिया है, और न ‘अहीर तुम्हें पीटेंगे’ का नारा चलेगा, न ‘अल्पसंख्यक तुम्हें पीटेंगे’ वाला।

क्यों मायने रखता है यह बयान

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आने वाले पंचायत चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर NDA और इंडिया गठबंधन के बीच जातीय व सामाजिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। राजभर, जो पहले सपा के साथ गठबंधन में रह चुके हैं, अब NDA का हिस्सा हैं — और गैर-यादव ओबीसी वोटबैंक पर उनकी पकड़ को भाजपा अपनी रणनीति के केंद्र में रखती है। आने वाले हफ़्तों में सपा की प्रतिक्रिया और इस बयानबाज़ी की दिशा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 की ज़मीन पर NDA की जातीय रणनीति का खुला संकेत है — गैर-यादव ओबीसी और दलित वोट को सपा से दूर रखने की कोशिश। दिलचस्प यह है कि यही राजभर कुछ साल पहले तक सपा के साथ गठबंधन में थे, इसलिए उनके हर तीखे शब्द में राजनीतिक हिसाब-किताब है। ‘प्रधान जी तो प्रधान ही रहेंगे’ वाली पंक्ति बताती है कि भाजपा का प्रदेश-स्तरीय विमर्श अब भी पूरी तरह मोदी-केंद्रित है। असली सवाल यह है कि क्या सपा इस हमले का जवाब मुद्दों पर देगी, या फिर वही जातीय और ‘विक्टिमहुड’ ढाँचा दोहराएगी जिस पर राजभर निशाना साध रहे हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाया है?
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने X पर पोस्ट कर दावा किया कि समाजवादी पार्टी अब विधानसभा तो दूर, पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने सपा पर ‘लोमड़ी जैसी चालाकी’ और ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने का भी आरोप लगाया।
राजभर ने ‘प्रधान जी’ कहकर किसका ज़िक्र किया?
‘प्रधान जी तो प्रधान ही रहेंगे’ वाला उनका कथन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा माना जा रहा है। राजभर का संकेत यह था कि सपा के किसी भी ‘पैंतरे’ से मोदी की सियासी स्थिति पर फ़र्क़ नहीं पड़ेगा।
राजभर ने अखिलेश के भाई के बारे में क्या कहा?
राजभर ने तंज कसा कि अखिलेश यादव के भाई लंदन निकल गए हैं और सपा कार्यकर्ताओं को उनका ‘सूटकेस, बैग और हैंडबैग’ एयरपोर्ट तक पहुँचाने का सुझाव दिया। उन्होंने व्यंग्य में कहा कि कार्यकर्ता बाद में सोशल मीडिया पर ‘भैया जी का बैग उठाने का सौभाग्य’ मिलने की पोस्ट कर सकते हैं।
राजभर ने किन वर्गों के समर्थन का दावा किया?
राजभर ने उत्तर प्रदेश के गैर-यादव ओबीसी और दलित समुदायों का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि इन वर्गों ने इस बार मन बना लिया है। उनके अनुसार न ‘अहीर तुम्हें पीटेंगे’ वाला नारा चलेगा, न ‘अल्पसंख्यक तुम्हें पीटेंगे’ वाला।
यह बयान राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
यह बयान आगामी यूपी पंचायत चुनाव और 2027 विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में आया है, जब NDA गैर-यादव ओबीसी वोट को मज़बूत करने की रणनीति पर है। राजभर, जो पहले सपा के सहयोगी रह चुके हैं, अब भाजपा गठबंधन के लिए इस वर्ग में अहम चेहरा माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले