4 सितंबर 2026
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सालबोनी जमीन हड़पने का मामला: बंगाल सीआईडी ने पूर्व TMC विधायक सुजॉय हाजरा समेत 4 के खिलाफ चार्जशीट दायर की

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सालबोनी जमीन हड़पने का मामला: बंगाल सीआईडी ने पूर्व TMC विधायक सुजॉय हाजरा समेत 4 के खिलाफ चार्जशीट दायर की

सारांश

बंगाल सीआईडी ने सालबोनी जमीन घोटाले में पूर्व TMC विधायक सुजॉय हाजरा समेत चार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की — लेकिन अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय का नाम गायब है, जो जाँच के दौरान प्रमुखता से उभरा था। सप्लीमेंट्री चार्जशीट की संभावना बनी है।

मुख्य बातें

बंगाल सीआईडी ने सालबोनी जमीन हड़पने के मामले में मेदिनीपुर सीजेएम कोर्ट में 14 पन्नों की चार्जशीट दायर की।
पूर्व TMC विधायक सुजॉय हाजरा , अनीतेश परिया , कैलाश अग्रवाल और शराफुद्दीन खान चार आरोपी; अग्रवाल और खान फरार।
चार्जशीट में नौ धाराएँ — जालसाजी, सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर शामिल।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय का नाम चार्जशीट से बाहर, जिससे राजनीतिक विवाद गहराया।
मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन; मेदिनीपुर कोर्ट ने रॉय से हिरासत में पूछताछ की अनुमति दी।
सुजॉय हाजरा को 17 सितंबर को कोर्ट में पेश होना है।

पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने सालबोनी में करोड़ों रुपये की अवैध जमीन हड़पने के मामले में पश्चिम मिदनापुर की जिला अदालत में चार्जशीट दायर की है। इसमें पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक सुजॉय हाजरा सहित चार व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। यह चार्जशीट 4 सितंबर 2026 को मेदिनीपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश की गई।

चार्जशीट में क्या है

14 पन्नों की इस चार्जशीट में नौ धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं, जिनमें जालसाजी, सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग और धोखाधड़ी शामिल हैं। आरोपों में राज्य के भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करना भी शामिल है। चार आरोपियों में सुजॉय हाजरा, अनीतेश परिया, कैलाश अग्रवाल और शराफुद्दीन खान के नाम हैं। सीआईडी के अनुसार, अग्रवाल और खान अभी फरार हैं।

सुमित रॉय का नाम गायब, राजनीतिक हलचल तेज

चार्जशीट में जो नाम नहीं है, वही इस मामले को राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील बनाता है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय का नाम जाँच के दौरान प्रमुखता से सामने आया था, परंतु दायर चार्जशीट में उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। इस चूक ने राज्य में राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।

गौरतलब है कि इसी मामले की जाँच के दौरान सालबोनी पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के साथ मिलकर रॉय की तलाश में अभिषेक बनर्जी के आवास पर तलाशी अभियान भी चलाया था।

सुप्रीम कोर्ट और आगे की जाँच

सूत्रों के अनुसार, यह मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सीआईडी ने रॉय के विरुद्ध जाँच जारी रखने की अनुमति अदालत से माँगी है और तर्क दिया है कि हिरासत में उनसे पूछताछ आवश्यक है। मेदिनीपुर सीजेएम कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया है। राज्य पुलिस के सूत्रों ने संकेत दिया है कि एजेंसी आगे एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है, जिसमें रॉय का नाम भी शामिल हो सकता है।

अगली सुनवाई

पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को 17 सितंबर को मेदिनीपुर कोर्ट में पेश किया जाना है। यह मामला पश्चिम बंगाल में जमीन हड़पने और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की उस लंबी श्रृंखला का हिस्सा है, जो हाल के वर्षों में राज्य की राजनीति में बार-बार उभरती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक संकेत है जिसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है — खासकर तब जब उनकी तलाश में खुद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा पड़ चुका हो। सप्लीमेंट्री चार्जशीट की 'संभावना' को जानबूझकर खुला छोड़ना यह दर्शाता है कि जाँच एजेंसी दबाव में है — या तो न्यायिक निगरानी का, या राजनीतिक समीकरणों का। पश्चिम बंगाल में जमीन हड़पने के मामलों में सत्ताधारी दल से जुड़े नामों का बार-बार उभरना और फिर चार्जशीट से बाहर रहना, जवाबदेही की उस खाई को उजागर करता है जो राज्य की जाँच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सालबोनी जमीन हड़पने का मामला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल के सालबोनी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की अवैध जमीन हड़पने का मामला है, जिसमें सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर और धोखाधड़ी के आरोप हैं। बंगाल सीआईडी इस मामले की जाँच कर रही है और अब तक चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।
सुजॉय हाजरा कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
सुजॉय हाजरा तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। उन पर जालसाजी, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और भूमि राजस्व विभाग के दस्तावेजों में हेरफेर सहित नौ धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। उन्हें 17 सितंबर को मेदिनीपुर कोर्ट में पेश होना है।
सुमित रॉय का नाम चार्जशीट में क्यों नहीं है?
सीआईडी ने अभी तक इसका स्पष्ट कारण नहीं बताया है। सूत्रों के अनुसार, मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण जाँच की दिशा सीमित है। हालाँकि, मेदिनीपुर कोर्ट ने रॉय से हिरासत में पूछताछ की अनुमति दे दी है और सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उनका नाम आने की संभावना जताई जा रही है।
इस मामले में अभिषेक बनर्जी का क्या संबंध है?
अभिषेक बनर्जी स्वयं आरोपी नहीं हैं। उनके पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय का नाम जाँच के दौरान सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। रॉय का नाम चार्जशीट में न होने से राजनीतिक विवाद उठ खड़ा हुआ है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
सुजॉय हाजरा की 17 सितंबर को मेदिनीपुर कोर्ट में पेशी होनी है। सीआईडी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है जिसमें सुमित रॉय का नाम शामिल हो सकता है। मामले की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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