4 सितंबर 2026
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सिक्किम: ड्यूटी पर तैनात ASI ने CAP सदस्यता कार्यक्रम में बदसलूकी का आरोप लगाया, रानीपूल में FIR दर्ज

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सिक्किम: ड्यूटी पर तैनात ASI ने CAP सदस्यता कार्यक्रम में बदसलूकी का आरोप लगाया, रानीपूल में FIR दर्ज

सारांश

सिक्किम में विपक्षी दल CAP के सदस्यता कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात ASI ने बदसलूकी और जबरन पार्टी सदस्यता दिलाने का आरोप लगाया है। रानीपूल में FIR दर्ज, कई लोग हिरासत में। CAP ने आरोप खारिज कर कहा — अधिकारी ने खुद गलत नाम बताया था।

मुख्य बातें

स्पेशल ब्रांच के ASI लाकपा शेरिंग भूटिया ने 4 सितंबर को CAP के सदस्यता कार्यक्रम में बदसलूकी और जबरन रोकने का आरोप लगाया।
घटना गंगटोक के मारचक इलाके में रानीपूल में हुई बताई जा रही है।
रानीपूल पुलिस स्टेशन ने BNS की धाराओं — हमला, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और गैरकानूनी एकत्र होना — के तहत FIR दर्ज की।
संबंधित व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, मेडिकल जाँच कराई गई और BNSS धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी हुए।
CAP प्रवक्ता अल्बर्ट गुरुंग ने जबरदस्ती के आरोप खारिज करते हुए कहा — अधिकारी ने स्वेच्छा से गलत नाम बताकर कार्यक्रम में भाग लिया।
सिक्किम पुलिस ने निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जाँच का आश्वासन दिया है।

सिक्किम के गंगटोक में रानीपूल पुलिस स्टेशन ने 4 सितंबर को विपक्षी दल सिटिजन एक्शन पार्टी (CAP) के सदस्यता कार्यक्रम के दौरान एक पुलिसकर्मी के साथ कथित बदसलूकी के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। स्पेशल ब्रांच के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) लाकपा शेरिंग भूटिया ने आरोप लगाया कि मारचक इलाके में ड्यूटी के दौरान उन्हें घेरा गया, धक्का दिया गया और जबरन रोका गया।

घटनाक्रम: क्या हुआ कार्यक्रम में

गंगटोक जिला पुलिस के अनुसार, ASI भूटिया को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए CAP के सदस्यता कार्यक्रम स्थल पर तैनात किया गया था। उनकी लिखित शिकायत में कहा गया है कि जैसे ही उपस्थित लोगों को पता चला कि वह एक पुलिस अधिकारी हैं, उन्होंने उन्हें घेर लिया।

ASI का आरोप है कि लोगों ने उनके कॉलर से खींचा, धक्का दिया और उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर जाने से रोका। इसके अलावा, उन पर कथित तौर पर पार्टी की सदस्यता लेने के लिए दबाव डाला गया, जबकि वह अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियाँ निभा रहे थे।

दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्रवाई

गंगटोक के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि ASI की शिकायत के आधार पर BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें सरकारी कर्मचारी पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और गैरकानूनी रूप से एकत्र होना शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और उनकी मेडिकल जाँच कराई गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत कानूनी नोटिस भी जारी किए गए हैं।

CAP का पक्ष: आरोपों से इनकार

राज्य की विपक्षी पार्टी CAP ने पुलिस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के प्रवक्ता अल्बर्ट गुरुंग ने दावा किया कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने कार्यक्रम में शामिल होने से पहले स्वेच्छा से अपना गलत नाम बताया था।

गुरुंग ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में कोई जबरदस्ती नहीं थी और सवाल उठाया कि यदि अधिकारी को वाकई मजबूर किया गया था, तो उन्होंने उसी वक्त आपत्ति क्यों नहीं जताई। उन्होंने यह भी कहा कि जब यह कथित घटना हुई, उस समय कार्यक्रम स्थल पर मीडियाकर्मी भी मौजूद थे।

सिक्किम पुलिस का रुख

सिक्किम पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानूनी ड्यूटी निभा रहे कर्मियों के खिलाफ बाधा डालने, धमकाने या बल प्रयोग से जुड़े किसी भी आरोप को वह गंभीरता से लेती है। पुलिस ने कहा कि जाँच निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव के और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

जाँचकर्ता अभी बयान दर्ज कर रहे हैं और घटना में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका स्थापित करने के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। आगे की कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस तरह की घटनाएँ पुलिस की तटस्थता पर सवाल खड़े करती हैं — चाहे आरोप किसी भी दिशा में हों।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिक्किम में CAP कार्यक्रम के दौरान ASI के साथ क्या हुआ?
स्पेशल ब्रांच के ASI लाकपा शेरिंग भूटिया ने आरोप लगाया कि गंगटोक के मारचक इलाके में CAP के सदस्यता कार्यक्रम में ड्यूटी के दौरान लोगों ने उन्हें घेरा, कॉलर खींचा, धक्का दिया और बाहर जाने से रोका। उन पर पार्टी की सदस्यता लेने के लिए दबाव डालने का भी आरोप है।
इस मामले में कौन-सी धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई है?
रानीपूल पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत FIR दर्ज की है जो सरकारी कर्मचारी पर हमला या आपराधिक बल, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और गैरकानूनी एकत्र होने से संबंधित हैं। BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस भी जारी किए गए हैं।
CAP ने इन आरोपों पर क्या कहा?
CAP प्रवक्ता अल्बर्ट गुरुंग ने जबरदस्ती के सभी आरोप खारिज किए। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी ने स्वेच्छा से गलत नाम बताकर कार्यक्रम में भाग लिया और घटना के समय मीडियाकर्मी भी वहाँ मौजूद थे।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और उनकी मेडिकल जाँच कराई गई है। जाँचकर्ता बयान दर्ज कर रहे हैं और साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि आगे की कार्रवाई जाँच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
सिक्किम पुलिस ने इस मामले पर क्या रुख अपनाया है?
सिक्किम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ बाधा, धमकी या बल प्रयोग के किसी भी मामले को वह गंभीरता से लेती है। जाँच निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित होगी तथा अब तक के साक्ष्यों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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