लखनऊ KGMU से विचाराधीन बंदी हैदर अली फरार, दो हेड कांस्टेबल समेत तीन पर FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के गांधी वार्ड से 13 जून 2025 की सुबह एक विचाराधीन बंदी पुलिस हिरासत से फरार हो गया, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। 39 वर्षीय हैदर अली बेग — जो फर्जी सैन्य अधिकारी बनकर यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोप में जिला जेल लखनऊ में बंद था — की निगरानी में तैनात दो पुलिसकर्मियों समेत तीन लोगों के खिलाफ चौक थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
बंदी हैदर अली बेग, मूल रूप से ओडिशा के बालेश्वर जिले के चांदीपुर का निवासी, 7 जनवरी 2025 से लखनऊ जिला जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद था। उल्टी और रक्तस्राव की शिकायत पर उसे 31 मई को पहले जेल अस्पताल और फिर बलरामपुर अस्पताल भेजा गया। हालत बिगड़ने पर 4 जून को उसे KGMU के गांधी वार्ड में स्थानांतरित किया गया था।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बंदी रक्षक नागेश चन्द्र सरोज ने हैदर के गायब होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस विभाग में तत्काल अलर्ट जारी किया गया।
FIR में किन पर लगे आरोप
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी की शिकायत पर चौक थाने में दर्ज एफआईआर में बंदी की निगरानी में तैनात हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र सिंह और स्वयं फरार बंदी हैदर अली बेग को आरोपी बनाया गया है। दोनों हेड कांस्टेबलों पर लापरवाही बरतने का आरोप है।
हैदर अली पर क्या थे मूल आरोप
हैदर अली पर सरोजनीनगर थाना क्षेत्र की एक महिला के साथ फर्जी सैन्य अधिकारी बनकर यौन शोषण करने और शादी का झाँसा देकर ₹4.5 लाख हड़पने का आरोप है। इस मामले में सरोजनीनगर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे 6 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के अनुसार, आरोपी इससे पहले हैदराबाद और बेंगलुरु में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत रहा था।
उत्तर प्रदेश की जेलों में लापरवाही का पैटर्न
यह घटना उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था में सुरक्षा चूक के एक व्यापक पैटर्न की कड़ी बनती है। गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी में अयोध्या जिला जेल से हत्या और बलात्कार के आरोप में बंद दो विचाराधीन कैदी बैरक की दीवार से ईंटें हटाकर फरार हो गए थे — उस मामले में जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर सहित 12 से अधिक अधिकारियों व कर्मियों को निलंबित किया गया था।
उसी माह कन्नौज जिला जेल से कैदी अंकित और डिम्पी ने कंबलों को जोड़कर रस्सी बनाई और ऊँची दीवार फाँदकर भाग निकले थे। उस मामले में भी जेलर और डिप्टी जेलर सहित पाँच कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।
आगे क्या
पुलिस ने हैदर अली बेग के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, उसके संभावित ठिकानों — हैदराबाद, बेंगलुरु और ओडिशा — पर सतर्कता बरती जा रही है। दोनों आरोपी हेड कांस्टेबलों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी अपेक्षित है।