सुप्रीम कोर्ट में हंगामा: लखनऊ यूनिवर्सिटी के दो लॉ छात्र गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई 2026 को कोर्ट नंबर-13 में हुई कथित अव्यवस्था और हंगामे के मामले में लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तीसरे वर्ष के छात्र प्रबल प्रताप सिंह (24) और दूसरे वर्ष के छात्र चंद्र भान (23) के रूप में हुई है। अदालत ने दोनों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह घटना एसएलपी संख्या 31367/2026 (प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) की सुनवाई के दौरान हुई। आरोप है कि प्रबल प्रताप सिंह ने स्वयं याचिकाकर्ता के रूप में अदालत में पेश होकर जानबूझकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कोर्ट रूम के भीतर कागज फेंककर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की। इस मामले में तिलक मार्ग थाना में सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा स्टाफ के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
सुरक्षाकर्मियों से कथित जबरदस्ती
जानकारी के मुताबिक, जब सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को शांत रहने और अदालत की गरिमा बनाए रखने के लिए रोका, तो उसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।
मेडिकल परीक्षण और पैम्फलेट बरामदगी
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद दोनों आरोपियों का इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज में मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में दोनों को तत्काल किसी मनोचिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता नहीं बताई गई। जाँच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक शब्दों वाले पैम्फलेट भी बरामद किए।
आगे की जाँच
दिल्ली पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले के विभिन्न पहलुओं की जाँच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित कारणों की विस्तृत जाँच जारी है तथा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में इस तरह का व्यवधान अत्यंत असाधारण माना जाता है, और यह मामला न्यायालय की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।