दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया, छात्रों की हिरासत के मामले में CCTV फुटेज सुरक्षित करें
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों की हिरासत मामले की सुनवाई की।
- 10 छात्रों को विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया।
- पुलिस को CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया।
- अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।
- रुद्र विक्रम रॉय अब भी लापता हैं।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने रविवार को उन 10 छात्रों के हिरासत मामले की सुनवाई की, जिन्हें विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया था। अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर उन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, जहां से छात्रों को 13 और 14 मार्च को हिरासत में लिया गया था।
याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि छात्रों और कार्यकर्ताओं को बिना किसी स्पष्ट कारण के हिरासत में लिया गया। सुनवाई के दौरान, अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि तीन स्थलों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए, ताकि मामले की सही परिस्थितियों की जांच की जा सके।
बताया गया कि ये छात्र दिल्ली के विभिन्न स्थानों जैसे दयाल सिंह कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस और जहांगीर पुरी से हिरासत में लिए गए थे। याचिका में कहा गया कि कुल 10 छात्र-कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जब हिरासत के कारणों के बारे में पूछा गया, तो दिल्ली पुलिस ने कोई उत्तर नहीं दिया।
सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि इन लोगों को एक मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए ले जाया गया था। पुलिस ने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को बाद में रिहा कर दिया गया है।
हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि एक व्यक्ति रुद्र विक्रम रॉय अब भी लापता है और उसकी स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस पर अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि लापता व्यक्ति का पता लगाया जाए और उसकी स्थिति के बारे में तत्काल जानकारी दी जाए।
अदालत ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वह एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करे, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि छात्रों को किन परिस्थितियों में और किस कानून के तहत हिरासत में लिया गया था, और कब उन्हें छोड़ा गया। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी। अदालत ने तब तक पुलिस से सभी आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।