24 अगस्त 2026
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रांची में छात्रा का झामुमो कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़-मारपीट का आरोप, बाबूलाल मरांडी के साथ कोतवाली थाने पहुंची

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रांची में छात्रा का झामुमो कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़-मारपीट का आरोप, बाबूलाल मरांडी के साथ कोतवाली थाने पहुंची

सारांश

रांची में जेपीएससी-जेएसएसी सुधार मंच के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगा है। पीड़ित छात्रा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ कोतवाली थाने पहुंची और आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मुख्य बातें

रांची में 21 अगस्त को पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं पर छात्रा ने छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया।
शिकायत में शहबाज मलिक, मुश्ताक आलम, अंकिता वर्मा, आशुतोष वर्मा, नवीन चंचल और अश्विनी शर्मा समेत आठ लोग नामजद ।
पीड़ित छात्रा ने एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी , पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अमर बाउरी और पूर्व सांसद दीपक प्रकाश के साथ कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू की; प्राथमिकी दर्ज करने पर साक्ष्यों के आधार पर निर्णय होगा।

झारखंड की राजधानी रांची में एक छात्रा ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित छात्रा ने कोतवाली थाने में आठ नामजद और कई अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: 21 अगस्त को क्या हुआ

छात्रा के अनुसार, 21 अगस्त को जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म्स मंच द्वारा रांची में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। छात्र-छात्राएं पुतले के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे, तभी कुछ लोग कथित तौर पर भीड़ में घुस आए और छात्राओं के साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की।

शिकायत में आरोप है कि आरोपियों ने पुतला छीनने का प्रयास किया, इस दौरान छात्राओं के साथ हाथापाई की गई और कथित तौर पर दुपट्टा खींचने जैसी अभद्र हरकत की गई। घटना के बाद पीड़ित छात्रा को जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

नामजद आरोपी और एससी-एसटी एक्ट की मांग

शिकायत में शहबाज मलिक, मुश्ताक आलम, अंकिता वर्मा, आशुतोष वर्मा, नवीन चंचल और अश्विनी शर्मा समेत आठ व्यक्तियों को नामजद किया गया है। इसके अतिरिक्त कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी शिकायत दी गई है। छात्रा ने मामले में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की है, जो इस मामले को और संवेदनशील बनाती है।

विपक्षी नेताओं की भागीदारी

पीड़ित छात्रा सोमवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अमर बाउरी और पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश के साथ कोतवाली थाने पहुंची और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की।

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि जेपीएससी-जेएसएसी भर्ती सुधारों को लेकर छात्र आंदोलन राज्य में लंबे समय से सक्रिय है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी गई है। उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। प्राथमिकी दर्ज होगी या नहीं, यह जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि आरोप सत्यापित होते हैं, तो यह घटना उस असंतोष को और हवा देगी। एससी-एसटी एक्ट की माँग मामले को संवैधानिक संवेदनशीलता की परत देती है, जिसे नजरअंदाज करना पुलिस और सरकार दोनों के लिए राजनीतिक रूप से जोखिम भरा होगा। विपक्ष की सक्रिय भागीदारी यह भी दर्शाती है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में विधानसभा और सड़क — दोनों पर गूंजेगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में छात्रा पर कथित हमले की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 21 अगस्त को रांची में जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म्स मंच के मुख्यमंत्री पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई। छात्राएं पुतले के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर जा रही थीं, तभी कथित तौर पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने भीड़ में घुसकर मारपीट और छेड़छाड़ की।
शिकायत में किन लोगों को नामजद किया गया है?
शिकायत में शहबाज मलिक, मुश्ताक आलम, अंकिता वर्मा, आशुतोष वर्मा, नवीन चंचल और अश्विनी शर्मा समेत आठ व्यक्तियों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी शिकायत दी गई है।
छात्रा ने एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की माँग क्यों की?
पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हुई कथित घटना एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के दायरे में आती है। इस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज होने पर मामला अधिक गंभीर कानूनी श्रेणी में आ जाता है और जांच अनिवार्य हो जाती है।
बाबूलाल मरांडी इस मामले में क्यों शामिल हुए?
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पीड़ित छात्रा के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस से निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की। भाजपा ने इस मामले को सत्तारूढ़ झामुमो सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की।
पुलिस ने इस शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी गई है। उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने समेत आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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