10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: बाबूलाल मरांडी ने 8 घंटे में 20 पोस्ट, 3 फेसबुक लाइव — छात्र आंदोलन को बताया 'अगस्त क्रांति'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: बाबूलाल मरांडी ने 8 घंटे में 20 पोस्ट, 3 फेसबुक लाइव — छात्र आंदोलन को बताया 'अगस्त क्रांति'

सारांश

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती विवाद में बाबूलाल मरांडी ने 8 घंटे में 20 पोस्ट और 3 फेसबुक लाइव कर छात्र आंदोलन को 'अगस्त क्रांति' करार दिया। BJP विधायकों की हिरासत, पुलिस लाठीचार्ज और वाटर कैनन के आरोपों के बीच सीबीआई जांच की मांग तेज़ हो गई है।

मुख्य बातें

बाबूलाल मरांडी ने 10 अगस्त को 8 घंटे में करीब 20 सोशल मीडिया पोस्ट और 3 फेसबुक लाइव किए।
मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान मरांडी सहित कई BJP विधायकों को खेलगांव कैंप जेल में डिटेन किया गया।
छात्र पिछले 15 दिनों से जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
मरांडी के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया; कई छात्र घायल बताए गए।
मरांडी ने छात्र आंदोलन को 'अगस्त क्रांति' बताते हुए माँग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध जारी छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार, 10 अगस्त को डिजिटल मोर्चे पर सरकार पर तीखा हमला बोला। शाम साढ़े चार बजे तक उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल से करीब 20 पोस्ट साझा किए और तीन बार फेसबुक लाइव के ज़रिए आंदोलन तथा सरकारी कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

हिरासत का मुद्दा

मरांडी ने बताया कि सुबह मुख्यमंत्री आवास के घेराव के दौरान उन्हें और BJP के कई विधायकों एवं नेताओं को हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, BJP विधायक छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, परंतु मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही उन्हें रोक दिया गया और बाद में खेलगांव स्थित कैंप जेल में डिटेन कर दिया गया।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध

मरांडी ने आरोप लगाया कि अपने हक और अधिकार की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठियाँ बरसाईं और कई छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि बारिश के बीच छात्रों को धरना स्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई और इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

सरकार पर 'तानाशाही' का आरोप

मरांडी ने सरकार पर 'तानाशाही' का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "पानी की बौछार से छात्रों की आवाज़ दबने वाली नहीं है।" उन्होंने इस छात्र संघर्ष को 'अगस्त क्रांति' की संज्ञा दी और कहा कि BJP का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता।

सीबीआई जांच की मांग

छात्र पिछले 15 दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नौकरी बेचे जाने के आरोपों की सीबीआई जांच की माँग कर रहे हैं। मरांडी ने इस माँग को दोहराते हुए कहा कि जब तक यह माँग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या

गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से अभी तक सीबीआई जांच की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रांची में छात्र आंदोलन जारी है और राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में सरकार के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित मीडिया रणनीति है — जब सड़क पर विधायकों को हिरासत में ले लिया जाए, तो सोशल मीडिया ही असली मंच बन जाता है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह दबाव राज्य सरकार को सीबीआई जांच के लिए बाध्य कर पाएगा, या यह भी झारखंड की उन कई भर्ती-विवाद कहानियों में शामिल हो जाएगा जो शोर के बाद शांत हो गईं। 15 दिन के आंदोलन के बाद भी सरकार की चुप्पी संदेह पैदा करती है। वाटर कैनन और लाठीचार्ज के आरोप — यदि सत्यापित हों — तो यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का गंभीर संकेत है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद क्या है और छात्र क्यों आंदोलन कर रहे हैं?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नौकरी बेचे जाने के आरोपों को लेकर छात्र पिछले 15 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मुख्य माँग इन कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच है।
बाबूलाल मरांडी को हिरासत में क्यों लिया गया?
मरांडी और BJP के कई विधायक 10 अगस्त को छात्रों की सीबीआई जांच की माँग लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, जब उन्हें मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही रोककर खेलगांव स्थित कैंप जेल में डिटेन कर दिया गया। यह जानकारी मरांडी ने स्वयं अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दी।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर क्या कार्रवाई हुई?
मरांडी के आरोपों के अनुसार, छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश के बीच छात्रों को धरना स्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई। कई छात्र घायल बताए गए हैं।
मरांडी ने छात्र आंदोलन को 'अगस्त क्रांति' क्यों कहा?
मरांडी ने इस आंदोलन की तुलना ऐतिहासिक अगस्त क्रांति से करते हुए इसे न्याय, हक और अधिकार की लड़ाई बताया। उनके अनुसार, जब तक जेपीएससी-जेएसएससी में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।
झारखंड सरकार की इस मामले में क्या प्रतिक्रिया है?
10 अगस्त तक सरकार की ओर से सीबीआई जांच की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। आंदोलन और राजनीतिक दबाव जारी है और सरकार के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 5 घंटे पहले
  4. 7 घंटे पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 2 सप्ताह पहले